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एनीमेशन में मानवीय रचनात्मकता का महत्व: वैरायटी के ‘पिक्सेल एंड पेंसिल्स’ पैनल में चर्चा

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· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: variety.com

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मुख्य बातेंसवाना, जॉर्जिया में आयोजित वैरायटी के “पिक्सेल एंड पेंसिल्स” पैनल में उद्योग के प्रमुख फिल्म निर्माताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में एनीमेशन के भविष्य और मानवीय रचनात्मकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। एससीएडी सवाना फिल्म फेस्टिवल के सहयोग से आयोजित इस चर्चा का संचालन क्लेटन डेविस ने किया, जिसमें विभिन्न प्रमुख स्टूडियो के छह एनिमेटरों और…
एनीमेशन में मानवीय रचनात्मकता का महत्व: वैरायटी के ‘पिक्सेल एंड पेंसिल्स’ पैनल में चर्चा

चित्र: Tanya Fedak · चित्र स्रोत · स्रोत चित्र 16:9 अनुपात में काटा गया

वैरायटी के पैनल में एआई और एनीमेशन पर चर्चा

सवाना, जॉर्जिया में आयोजित वैरायटी के “पिक्सेल एंड पेंसिल्स” पैनल में उद्योग के प्रमुख फिल्म निर्माताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में एनीमेशन के भविष्य और मानवीय रचनात्मकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। एससीएडी सवाना फिल्म फेस्टिवल के सहयोग से आयोजित इस चर्चा का संचालन क्लेटन डेविस ने किया, जिसमें विभिन्न प्रमुख स्टूडियो के छह एनिमेटरों और निर्देशकों ने हिस्सा लिया।

इस पैनल में ब्रैड बर्ड (नेटफ्लिक्स की ‘रे गन’), डैनियल चोंग (पिक्सर की ‘हॉपर्स’), जोएल क्रॉफर्ड और जैनल मर्काडो (ड्रिंवर्क्स एनिमेशन की ‘फॉर्गेटन आइलैंड’), ट्रैविस नाइट (लाइका की ‘वाइल्डवुड’) और ली नेल्सन (इंडिपेंडेंट फिल्म कंपनी की ‘टैंगल्स’) शामिल थे।

एआई बनाम मानवीय प्रयास

चर्चा के दौरान फिल्म निर्माताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एआई तकनीक मानवीय कहानी कहने की कला और मेहनत का विकल्प नहीं बन सकती। डैनियल चोंग ने बताया कि एनीमेशन में हर एक सेट, किरदार, कपड़े और बाल को शून्य से तैयार किया जाता है, जिसके कारण इन फिल्मों के निर्माण में लंबा समय लगता है।

उदाहरण के लिए, ब्रैड बर्ड की फिल्म ‘रे गन’ को पूरी होने में लगभग 30 वर्ष लगे, हालांकि इस पूरी अवधि में लगातार काम नहीं चल रहा था। इसी प्रकार, ट्रैविस नाइट ने स्टॉप-मोशन एनीमेशन की पेचीदगियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनकी फिल्म ‘वाइल्डवुड’ में 2,800 शॉट्स का इस्तेमाल किया गया, जहां हर फ्रेम को धीमी गति से सावधानीपूर्वक शूट किया जाता है।

दृश्य शैली और कथा का संबंध

फिल्म निर्माताओं ने यह भी चर्चा की कि कैसे अलग-अलग एनीमेशन शैलियां—जैसे 2D, 3D, स्टॉप-मोशन या क्लेमेशन—कहानी को आकार देती हैं। जैनल मर्काडो और जोएल क्रॉफर्ड ने ‘फॉर्गेटन आइलैंड’ के निर्माण का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे यादों और पात्रों के दृष्टिकोण के आधार पर दृश्य शैली में बदलाव किया गया। इसके अलावा, ली नेल्सन ने साझा किया कि एक गैर-एनिमेटर निर्देशक होने के नाते उन्होंने अपनी टीम तक अपनी दृष्टि पहुँचाने के लिए अभिनय संदर्भों और अन्य साधनों का उपयोग किया।

व्यावहारिक निहितार्थ और क्या सत्यापित है

  • पुष्ट तथ्य: पैनल में शामिल प्रमुख फिल्म निर्माताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि एआई जैसी तकनीकों के आगे बढ़ने के बावजूद, फिल्मों में मानवीय स्पर्श और मेहनत का होना अनिवार्य है जो दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव पैदा करता है।
  • अनिश्चितताएं: प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास के बीच एनीमेशन उद्योग का भविष्य और इसके दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं, जिस पर विशेषज्ञों की नजर है।
  • मूल स्रोत की जाँच: पाठक इस पैनल चर्चा और मूल रिपोर्ट की पूरी जानकारी के लिए वैरायटी (Variety) की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित लेख Pixels and Pencils Panelists Talk the Dangers of AI को देख सकते हैं।
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मूल स्रोत पढ़ें: ‘Pixels and Pencils’ Panelists Talk the Dangers of AI, Demanding Animation Processes and the Importance of Human Creativity

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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