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भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए नए नियम अधिसूचित: क्या E100 ईंधन का उपयोग सभी कारों के लिए संभव है?

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चित्र: Sakshi Arora — Creative Commons

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मुख्य बातें भारत में फ्लेक्स-फ्यूल के लिए नई अधिसूचना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने हाल ही में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) के लिए E100 तक के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण के उपयोग का मार्ग प्रशस्त करते

भारत में फ्लेक्स-फ्यूल के लिए नई अधिसूचना

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने हाल ही में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) के लिए E100 तक के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण के उपयोग का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सरकार का यह कदम देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करने और ऊर्जा विकल्पों में विविधता लाने के प्रयास का हिस्सा है।

E100 ईंधन और आपकी कार: क्या बदलाव हुए हैं?

नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि E20 (20% इथेनॉल) से लेकर E100 (शुद्ध इथेनॉल) तक के ईंधन का उपयोग केवल उन वाहनों में ही किया जा सकता है जिन्हें विशेष रूप से इन मिश्रणों के लिए डिज़ाइन और प्रमाणित किया गया है।

• **महत्वपूर्ण चेतावनी:** मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सड़कों पर चल रही सामान्य पेट्रोल कारें, जो E20 के लिए बनी हैं, E85 या E100 ईंधन का उपयोग नहीं कर सकती हैं। इन उच्च सांद्रता वाले ईंधन के लिए इंजन में तकनीकी बदलाव और विशेष प्रमाणन की आवश्यकता होती है।

• **वाहन का वजन:** इन संशोधनों के साथ ही, हल्के पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए वजन की सीमा को 3,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम कर दिया गया है।

बाजार में स्थिति और भविष्य की राह

भारत में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां पहले ही कदम उठा चुकी हैं। मारुति सुजुकी ने इस साल जून में 'वैगन आर फ्लेक्स फ्यूल' पेश की थी, जो E20 से E100 के बीच किसी भी मिश्रण पर चलने में सक्षम है। इसके अलावा, टोयोटा, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियां भी इस दिशा में शोध और विकास कर रही हैं।

हालांकि, नई तकनीक को लेकर उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों के मन में कुछ चिंताएं भी हैं। मुख्य चिंताओं में ईंधन दक्षता (माइलेज) में कमी और उच्च इथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन के कुछ पुर्जों की लंबी अवधि में कार्यक्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव शामिल हैं।

आप क्या कर सकते हैं?

यदि आप भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि वाहन निर्माता कंपनी ने उस विशिष्ट मॉडल को उच्च इथेनॉल मिश्रण (जैसे E85 या E100) के लिए प्रमाणित किया है। सामान्य ईंधन भरने वाले स्टेशनों पर मिलने वाले पेट्रोल का उपयोग ही करें, जब तक कि आपका वाहन निर्माता किसी उच्च-इथेनॉल ईंधन के उपयोग की स्पष्ट अनुशंसा न करे।

अधिक जानकारी के लिए पाठक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://morth.nic.in/) पर जारी अधिसूचनाओं को देख सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Govt Notifies Flex-Fuel Vehicle Rules: What E100 Means For Indian Car Owners

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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