क्रेडिट स्कोर अपडेट होने में कितना समय लगता है? आरबीआई के नए नियम का असर
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क्रेडिट स्कोर अपडेट होने में कितना समय लगता है?
लोन लेने के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर बहुत जरूरी है। यह 300 से 900 के बीच होता है। यह जितना अधिक हो, उतना बेहतर माना जाता है; वहीं 300 की ओर गिरावट खराब मानी जाती है, जिससे लोन ना मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पहले क्रेडिट स्कोर अपडेट होने में 15 दिन से एक महीने तक का समय लग जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
आरबीआई के नए नियम का असर
जून 2023 (1 जुलाई से लागू) केंद्रीय बैंक ने एक नया प्रावधान पेश किया है। इसके तहत बैंक और एनबीएफसी को ग्राहकों के क्रेडिट डाटा हर हफ्ते क्रेडिट ब्यूरो को भेजने का नियम बनाया गया है। पहले यह डाटा एक महीने में एक बार भेजा जाता था। अब यह 9 तारीख, 16 तारीख, 23 तारीख और महीने की आखिरी तारीख को भेजा जा सकता है।
इससे क्रेडिट ब्यूरो के पास अधिक डाटा उपलब्ध होने पर उनके द्वारा स्कोर अपडेट करने की दर बढ़ जाती है। कहा जाता है कि अब यह स्कोर महीने में कम से कम तीन से चार बार दिख सकता है, यानी हर सात दिन पर अपडेट होने का नियम है।
व्यावहारिक निहितार्थ और सत्यापन
आरबीआई का उद्देश्य ग्राहकों को लोन लेने में सुविधा देना और क्रेडिट इकोसिस्टम को पारदर्शी बनाना है। इससे लोन लेने वालों के लिए स्कोर अपडेट होने में कम समय लगेगा।
क्रेडिट स्कोर की श्रेणियाँ:
- 750 - 900: उत्कृष्ट (बहुत अधिक स्वीकृति, सबसे कम ब्याज दर)
- 700 - 749: अच्छा (उच्च स्वीकृति, प्रतिस्पर्धी दरें)
- 650 - 699: औसत (मध्यम स्वीकृति, सामान्य दरें)
- 550 - 649: खराब (कम स्वीकृति, उच्च दरें)
- 300 - 549: बहुत खराब (लगभग कोई स्वीकृति नहीं, अत्यधिक उच्च दरें)
भारत में क्रेडिट ब्यूरो हैं: CIBIL, एक्सिओक्स, एक्सपिरियन और CRIF हाइ मार्क। ये संस्थाएँ लोन और चुकाने के डाटा एकत्र करके स्कोर अपडेट करती हैं।
मालवेबिलिटी के लिए, इस घोषणा की पुष्टि आरबीआई के आधिकारिक सर्कुलर या मूल समाचार पत्र से करें।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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