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एआई के दौर में रिमोट हायरिंग: पहचान की धोखाधड़ी से निपटने के लिए लेयर्ड स्क्रीनिंग पर जोर

· GlobeWire Daily Business Desk · Source: www.prnewswire.com

एआई के दौर में रिमोट हायरिंग: पहचान की धोखाधड़ी से निपटने के लिए लेयर्ड स्क्रीनिंग पर जोर

चित्र: Corra Group — Creative Commons

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मुख्य बातें रिमोट हायरिंग में एआई और पहचान की धोखाधड़ी की चुनौती डिजिटल और रिमोट हायरिंग के बढ़ते चलन के बीच नियोक्ताओं (Employers) के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। हाल ही में सामने आई एक घटना से पता चलता है कि पारंपरिक बैकग्राउंड चेक और साफ रिकॉर्ड के बावजूद यह पुष्टि करना म

रिमोट हायरिंग में एआई और पहचान की धोखाधड़ी की चुनौती

डिजिटल और रिमोट हायरिंग के बढ़ते चलन के बीच नियोक्ताओं (Employers) के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। हाल ही में सामने आई एक घटना से पता चलता है कि पारंपरिक बैकग्राउंड चेक और साफ रिकॉर्ड के बावजूद यह पुष्टि करना मुश्किल हो गया है कि आवेदन करने वाला व्यक्ति वास्तव में वही है या नहीं। एआई-जनरेटेड वीडियो, चुराई गई व्यक्तिगत जानकारी और फर्जी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके धोखेबाज कंपनियों को चूना लगा रहे हैं।

एक हालिया मामले में, एक कंपनी ने दो ऐसे उम्मीदवारों को काम पर रख लिया जिनके पहचान और संदर्भ (References) सही पाए गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि उन्होंने रिमोट इंटरव्यू के दौरान चुराई गई पहचान और एआई-जनरेटेड वीडियो का इस्तेमाल किया था। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने उन लोगों को हजारों डॉलर के उपकरण भेज दिए जो असल में वे थे ही नहीं जिन्हें वे समझ रहे थे।

विशेषज्ञों की राय और बचाव के उपाय

बैकग्राउंड स्क्रीनिंग और एंप्लॉयमेंट सर्विसेज प्रदाता 'कोरा ग्रुप' (Corra Group) के सह-संस्थापक और अध्यक्ष निक गुस्तावसन के अनुसार, रिमोट हायरिंग के माहौल में नियोक्ताओं को उम्मीदवारों के सत्यापन के तरीकों पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है।

गुस्तावसन का कहना है कि जब आमने-सामने (इन-पर्सन) इंटरव्यू व्यावहारिक न हो, तो नियोक्ता भूमिका के अनुसार एक सुसंगत प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त पहचान सत्यापन के कदम उठा सकते हैं। इसमें स्वतंत्र सत्यापन के माध्यम से रोजगार के इतिहास की पुष्टि करना और प्रासंगिक दस्तावेजों जैसे डब्ल्यू-2 (W-2), पेस्बस्ट्स या ऑफर लेटर का समर्थन लेना शामिल हो सकता है। कोई भी एक कदम पूरी तरह से अचूक नहीं है, लेकिन विभिन्न तरीकों को संयोजित करने से नियोक्ताओं को अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सकती है।

कोरा ग्रुप की सेवाएं और लेयर्ड अप्रोच

कोरा ग्रुप विभिन्न प्रकार की रोजगार स्क्रीनिंग और सत्यापन सेवाएं प्रदान करता है, जो नियोक्ताओं को उम्मीदवार की दी गई जानकारी को पुख्ता करने में मदद कर सकती हैं। इन सेवाओं में शामिल हो सकते हैं:

  • पहचान से जुड़े सर्च (जैसे सोशल सिक्योरिटी नंबर ट्रेस और अंतरराष्ट्रीय आईडी चेक)
  • पेशेवर संदर्भ और रोजगार का सत्यापन
  • शिक्षा और शैक्षणिक क्रेडेंशियल्स की पुष्टि
  • पेशेवर लाइसेंस और प्रमाण पत्र की जांच
  • आपराधिक पृष्ठभूमि की स्क्रीनिंग (आपराधिक रिकॉर्ड की खोज)

व्यावहारिक निहितार्थ और आगे की जानकारी

यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि केवल एक साफ बैकग्राउंड चेक या रिज्यूमे किसी उम्मीदवार की पूरी सच्चाई नहीं बता सकता। एआई तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ, नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वे जिस व्यक्ति का मूल्यांकन कर रहे हैं, समीक्षा की जा रही जानकारी उसी से जुड़ी है या नहीं।

पुष्टि किए गए तथ्य बनाम अज्ञात:

  • पुष्ट तथ्य: एआई-जनरेटेड वीडियो और चोरी की गई पहचान का उपयोग करके रिमोट हायरिंग में धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। कोरा ग्रुप जैसी कंपनियां लेयर्ड स्क्रीनिंग और अतिरिक्त सत्यापन की सिफारिश करती हैं।
  • अज्ञात: विशिष्ट मामलों में वित्तीय नुकसान के विस्तृत आंकड़े या प्रभावित होने वाली कंपनियों की कुल संख्या इस रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं की गई है।

पाठक मूल घोषणा और अधिक जानकारी के लिए [प्रोन्यूज़वायर की आधिकारिक रिपोर्ट](https://www.prnewswire.com/news-releases/is-your-job-candidate-real-corra-group-highlights-layered-screening-as-ai-driven-identity-fraud-challenges-employers-302923301.html) देख सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Is Your Job Candidate Real? Corra Group Highlights Layered Screening as AI-Driven Identity Fraud Challenges Employers

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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