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रोज़बैंक तेल क्षेत्र: यूके सरकार के फैसले से पहले गहराता राजनीतिक और पर्यावरणीय संकट

· GlobeWire Daily Business Desk · Source: www.bbc.co.uk

रोज़बैंक तेल क्षेत्र: यूके सरकार के फैसले से पहले गहराता राजनीतिक और पर्यावरणीय संकट — featured illustration or credited source image

चित्र: www.bbc.co.uk — Creative Commons

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मुख्य बातें उत्तर अटलांटिक में अनिश्चित भविष्य स्कॉटलैंड के तट से 80 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित 'रोज़बैंक' (Rosebank) तेल क्षेत्र वर्तमान में यूके की ऊर्जा नीति और जलवायु परिवर्तन पर चल रही राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। 'पेट्रोजाल रोज़बैंक' (Petrojarl Rosebank) नामक विशाल फ्लोट

उत्तर अटलांटिक में अनिश्चित भविष्य

स्कॉटलैंड के तट से 80 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित 'रोज़बैंक' (Rosebank) तेल क्षेत्र वर्तमान में यूके की ऊर्जा नीति और जलवायु परिवर्तन पर चल रही राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। 'पेट्रोजाल रोज़बैंक' (Petrojarl Rosebank) नामक विशाल फ्लोटिंग प्रोडक्शन, स्टोरेज और ऑफलोडिंग (FPSO) जहाज पर काम करने वाले कर्मचारी सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। यह निर्णय यह तय करेगा कि क्या इस क्षेत्र से तेल और गैस का उत्पादन शुरू किया जाएगा।

विवाद की जड़ें और कानूनी चुनौतियां

रोज़बैंक परियोजना विवादास्पद बनी हुई है। ग्रीनपीस और अपलिफ्ट (Uplift) जैसी पर्यावरण संस्थाओं की कानूनी चुनौती के बाद, 2025 में एडिनबर्ग की कोर्ट ऑफ सेशन ने रोज़बैंक और जैकडॉन (Jackdaw) क्षेत्रों के लिए पिछली स्वीकृतियों को 'गैर-कानूनी' घोषित कर दिया था। अदालत का मानना था कि इन परियोजनाओं की मंजूरी देते समय इनके जलने से होने वाले जलवायु प्रभाव को नजरअंदाज किया गया। वर्तमान में, सरकार पर्यावरण संबंधी नए मूल्यांकन के आधार पर अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया में है।

आर्थिक तर्क बनाम पर्यावरणीय चिंताएं

इस परियोजना के समर्थकों, जिसमें अडुरा (Adura) जैसी कंपनियां शामिल हैं, का तर्क है कि रोज़बैंक में 300 से 500 मिलियन बैरल तेल होने का अनुमान है, जो लगभग 25 वर्षों तक ऊर्जा आपूर्ति कर सकता है। इससे ब्रिटेन के हज़ारों घरों को गर्म रखने के लिए गैस मिल सकती है और खजाने को लाखों का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

वहीं, दूसरी ओर, पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूके को जीवाश्म ईंधन के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अपलिफ्ट की कार्यकारी निदेशक टेसा खान का तर्क है कि एक प्रमुख नए तेल क्षेत्र को मंजूरी देना जलवायु लक्ष्यों के विपरीत है और यह निवेशकों का भरोसा कम कर सकता है।

ऑफशोर जीवन की वास्तविकताएं

विवाद के बीच, रोज़बैंक पर काम करने वाले 122 कर्मचारियों के लिए जीवन अपनी लय में चल रहा है। यहाँ काम करने वाले लोगों का जीवन चुनौतीपूर्ण मौसम, दो सप्ताह की शिफ्ट और परिवार से लंबी दूरी के साथ गुजरता है। कर्मचारी इस परियोजना को अपनी आजीविका और सेवानिवृत्ति तक स्थिरता के स्रोत के रूप में देखते हैं। हालांकि, क्षेत्र की कठोर जलवायु और अटलांटिक के तूफानी मौसम के बीच, उन्हें भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

आगे का रास्ता

यूके सरकार, जिसके ऊर्जा सचिव मियाटा फाहनबुलेह हैं, को उम्मीद है कि रोज़बैंक के भाग्य पर अंतिम निर्णय क्रिसमस से पहले लिया जाएगा। यह निर्णय केवल एक परियोजना का भाग्य नहीं तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि ब्रिटेन अपनी नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बैठाता है।

पाठक इस विषय पर अधिक जानकारी और सरकारी अद्यतनों के लिए बीबीसी की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं: [https://www.bbc.co.uk/news/articles/cqy8ljkle97ro](https://www.bbc.co.uk/news/articles/cqy8ljkle97ro)

मूल स्रोत पढ़ें: Rosebank: Life on the oil field at the centre of a political storm

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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