दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की मेगा रैली, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
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दिल्ली में विपक्षी गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन
भारत की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों के 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक द्वारा एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। यह रैली मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में किए गए हालिया संशोधनों के विरोध में आयोजित की गई है, जिसको लेकर विपक्ष और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच तीखा राजनीतिक संघर्ष जारी है।
मुख्य बिंदु और आरोप
- विपक्ष के प्रमुख नेता: इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खर्गे के साथ-साथ ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।
- विवादास्पद मतदाता सूची संशोधन: विपक्ष का आरोप है कि 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से 130 मिलियन (13 करोड़) नाम हटाए गए हैं।
- आरोप और खंडन: विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग और बीजेपी चुनावों को प्रभावित करने के लिए पात्र मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी दोनों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
- सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था: रामलीला मैदान के आसपास भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कुछ शर्तों के तहत इस रैली की अनुमति दी थी, जिसमें शाम 5 बजे तक कार्यक्रम समाप्त करना और सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।
पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति
इससे पहले शनिवार को 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक महाभियोग (mock impeachment) का भी आयोजन किया था। हालांकि, यह पूरी तरह से प्रतीकात्मक था और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है, क्योंकि भारतीय कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल एक औपचारिक संसदीय प्रक्रिया के जरिए ही हटाया जा सकता है।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रैलियों में विपक्षी दलों पर अराजकता फैलाने और संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम की सत्यता और आधिकारिक बयानों की पुष्टि के लिए चुनाव आयोग और संबंधित राजनीतिक दलों की आधिकारिक वेबसाइटों तथा प्रेस विज्ञप्तियों का अवलोकन किया जा सकता है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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