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क्या पिछले 150 वर्षों में मानव शरीर का औसत तापमान कम हो गया है?

· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.bbc.com

क्या पिछले 150 वर्षों में मानव शरीर का औसत तापमान कम हो गया है?

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मुख्य बातें मानव शरीर के तापमान में बदलाव वैज्ञानिकों का मानना है कि 150 साल पहले की तुलना में आज इंसानों का औसत शरीर का तापमान कम हो गया है। 1860 के दशक में जर्मन चिकित्सक कार्ल वंडरलिच ने 25,000 रोगियों के डेटा के आधार पर 37°C (98.6°F) को सामान्य मानव शरीर का तापमान निर्धारित क

मानव शरीर के तापमान में बदलाव

वैज्ञानिकों का मानना है कि 150 साल पहले की तुलना में आज इंसानों का औसत शरीर का तापमान कम हो गया है। 1860 के दशक में जर्मन चिकित्सक कार्ल वंडरलिच ने 25,000 रोगियों के डेटा के आधार पर 37°C (98.6°F) को सामान्य मानव शरीर का तापमान निर्धारित किया था। हालाँकि, आधुनिक शोध इस आंकड़े पर सवाल उठा रहे हैं।

शोध के मुख्य निष्कर्ष

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ जूली पार्सनेट की टीम द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि आज वयस्कों के लिए नया 'सामान्य' तापमान लगभग 36.39°C (97.5°F) है। यह गिरावट केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं है; अमेज़न के वर्षावनों में रहने वाली त्सिमाने जनजाति में भी दो दशकों के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

तापमान कम होने के संभावित कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के तापमान में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • बेहतर स्वास्थ्य: आधुनिक चिकित्सा, स्वच्छता और बेहतर पोषण ने पुरानी बीमारियों (जैसे तपेदिक) को कम किया है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली पर दबाव कम हुआ है।
  • थर्मल-न्यूट्रल ज़ोन: वातानुकूलन (AC) और हीटिंग की उपलब्धता के कारण, मनुष्य अब स्थिर तापमान वाले वातावरण में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शरीर को तापमान बनाए रखने के लिए कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।
  • उपकरणों की सटीकता: कुछ शोधकर्ताओं का तर्क है कि 19वीं सदी के थर्मामीटरों के अंशांकन (calibration) में त्रुटि हो सकती थी, हालांकि आधुनिक शोधकर्ता इसे एकमात्र कारण नहीं मानते हैं।

तापमान को प्रभावित करने वाले कारक

वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर का तापमान कई व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करता है:

  • आयु: उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण शरीर का तापमान गिरता है।
  • लिंग: महिलाओं का शरीर पुरुषों की तुलना में थोड़ा अधिक गर्म रहता है।
  • दिन का समय: शरीर का तापमान सर्कैडियन रिदम (जैविक घड़ी) के अनुसार सुबह सबसे कम और देर दोपहर में सबसे अधिक होता है।

निष्कर्ष और सलाह

विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि 37°C को एक कठोर मानक के रूप में नहीं देखना चाहिए। स्वास्थ्य की स्थिति को समझने के लिए केवल एक संख्या पर निर्भर रहने के बजाय अन्य शारीरिक संकेतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

मूल स्रोत पढ़ें: Scientists think our recent ancestors may have run hotter – but why? 150 years ago, average human body temperatures appear to have been higher than now. Scientists are still exploring exactly why.

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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