उत्तर कोरियाई साइबर समूहों पर वैश्विक वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने का आरोप
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

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उत्तर कोरियाई साइबर गतिविधियों पर रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस फर्मों के अनुसार, उत्तर कोरिया से जुड़े राज्य-प्रायोजित हैकर्स पर वैश्विक वित्तीय संस्थानों और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन साइबर गतिविधियों का उपयोग देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने के साधन के रूप में किया जा रहा है।
कार्यप्रणाली और तरीके
ब्लॉकचेन फर्मों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इन अभियानों में निम्नलिखित तौर-तरीके देखे गए हैं:
- सोशल इंजीनियरिंग: डेवलपर्स और आईटी प्रशासकों जैसे संवेदनशील पहुंच वाले कर्मचारियों को निशाना बनाना।
- नकली पहचान: पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर नौकरी के अवसरों का झांसा देना।
- मैलवेयर का उपयोग: ट्रेडिंग या प्राइस-प्रेडिक्शन टूल के रूप में छिपे हुए मैलवेयर का प्रसार।
- फंड की आवाजाही: पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गई संपत्ति को विभिन्न ब्लॉकचेन और वॉलेट में स्थानांतरित करना।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और प्रतिक्रिया
यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बीच, प्योंगयांग पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर राजस्व उत्पन्न करने के लिए साइबर अभियानों पर निर्भर रहा है। मल्टीलेटरल सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम (MSMT) की एक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी चोरी और विदेशी आईटी कार्यकर्ताओं के माध्यम से धन जुटाया जा रहा है।
सत्यापन और आधिकारिक घोषणाएं
इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित साइबर सुरक्षा एजेंसियों, जैसे अमेरिकी एफबीआई (FBI) और ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्मों की आधिकारिक एडवाइजरी और रिपोर्टों की जांच की जा सकती है। स्वतंत्र स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ही इन मामलों की प्रामाणिकता तय होती है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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