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जी20 बैठक: जयशंकर ने कूटनीति पर दिया जोर, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद को बताया बड़ी चुनौती

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· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.amarujala.com

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मुख्य बातेंआधिकारिक जानकारी की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रेस रिलीज और जी-20 की वेबसाइट के अपडेट्स को देखा जा सकता है।
जी20 बैठक: जयशंकर ने कूटनीति पर दिया जोर, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद को बताया बड़ी चुनौती

चित्र: Amar Ujala · स्रोत चित्र के उपयोग अधिकार स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं · चित्र स्रोत · Cropped to 16:9 for the website

अटलांटा में वैश्विक चुनौतियों पर मंथन

अटलांटा में आयोजित जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक संकटों के समाधान के लिए कूटनीति को अनिवार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया के मौजूदा संघर्षों का सैन्य समाधान निकालना संभव नहीं है और देशों को संवाद के माध्यम से शांति की राह चुननी चाहिए।

जयशंकर के संबोधन के मुख्य बिंदु

विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को रेखांकित किया:

  • समुद्री सुरक्षा: समुद्री जहाजों पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने 'यूएनसीएलओएस' (UNCLOS) के तहत अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया।
  • आपूर्ति शृंखला: उन्होंने आपूर्ति शृंखला को हथियार बनाने और औद्योगिक विकास के अधिकारों को सीमित करने की प्रवृत्ति को बंद करने का आह्वान किया।
  • आतंकवाद: जयशंकर ने स्पष्ट किया कि सामरिक हितों के नाम पर आतंकवाद को नजरअंदाज करना बेहद जोखिम भरा है और इसका खामियाजा सबको भुगतना पड़ता है।
  • वैकल्पिक मार्ग: संकट के समय में वैश्विक व्यापार को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक संपर्क मार्गों के विकास पर जोर दिया गया।

जी-20 में अमेरिका और अन्य देशों का दृष्टिकोण

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक की मेजबानी करते हुए कहा कि वर्तमान समय वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के लिए 'निर्णायक मोड़' है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला में बाधाओं को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी उपस्थित थे, जो विभिन्न वैश्विक संकटों पर जी-20 देशों के बीच मतभेदों को दर्शाता है।

आगे का कार्यक्रम

इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद, एस. जयशंकर क्वाड (जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका) के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद वे राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में भाग लेने के लिए एंटीगुआ और बारबुडा की यात्रा करेंगे।

आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रेस रिलीज और जी-20 की वेबसाइट के अपडेट्स को देखा जा सकता है।

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मूल स्रोत पढ़ें: जी20: जयशंकर की दो टूक- सैन्य ताकत से नहीं सुलझेंगे वैश्विक संकट, कूटनीति जरूरी; आतंकवाद पर चेताया, क्या कहा?

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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