इंग्लैंड और वेल्स के स्कूलों में बाल यौन उत्पीड़न की समस्या: एक दशक बाद भी स्थिति गंभीर
· GlobeWire Daily Education Desk · Source: www.theguardian.com

चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons
स्कूलों में बाल-से-बाल यौन दुराचार की वास्तविकता
इंग्लैंड और वेल्स के स्कूलों में बच्चों द्वारा बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और दुराचार के मामले लगातार बने हुए हैं। द गार्डियन की एक हालिया जांच रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक पहले इस समस्या के बड़े पैमाने पर सामने आने के बाद भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के प्रसार, misogyny (स्त्री-द्वेष) और किशोरों द्वारा ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के बढ़ते उपयोग के कारण यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
यह जांच मुख्य रूप से पुलिस को रिपोर्ट किए गए और दर्ज किए गए सबसे गंभीर मामलों को सामने लाती है। वकीलों, विशेषज्ञों और अभियानकर्ताओं का कहना है कि कई मामले कभी रिपोर्ट ही नहीं होते, क्योंकि आरोपी बच्चे अक्सर आपराधिक जिम्मेदारी की उम्र से कम उम्र के होते हैं और ऐसे मामलों को अक्सर 'उम्र से जुड़ी खोजबीन' (age-related exploration) कहकर खारिज कर दिया जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों और पीड़ितों के अनुभव
दुराचार के दावों के विशेषज्ञ और लेघ डे सॉलिसिटर्स के पार्टनर एंड्रयू लॉर्ड ने बताया कि उन्होंने निजी और सरकारी दोनों प्रकार के स्कूलों में ऐसे मामलों का सामना किया है। उनके अनुसार, पीड़ितों पर इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है और कई बच्चे पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से पीड़ित हो जाते हैं। लॉर्ड वर्तमान में एक ऐसे सेकेंडरी स्कूल के छात्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसने लॉकर रूम में सहपाठियों द्वारा कई बार यौन और शारीरिक हमलों का सामना करने की शिकायत की थी।
इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालयों के मामलों में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब बच्चे आपराधिक जिम्मेदारी की उम्र से नीचे होते हैं, तो अक्सर कोई वास्तविक वैधानिक जांच नहीं होती। कई मामलों में प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों में बच्चों को छिपा हुआ स्थान ले जाकर धमकाया जाता है।
व्यापक सामाजिक प्रभाव और अनिश्चितताएं
विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल स्कूलों या कॉलेजों की समस्या नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक मुद्दा है। बच्चों के व्यवहार पर ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री और संस्कृति का गहरा प्रभाव पड़ रहा है। पूर्व हेडटीचर और स्कूल सुधार सलाहकार टोनी हार्टने ने स्वीकार किया कि स्कूलों में इस मुद्दे को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन ऐसी स्थितियों से निपटना अभी भी काफी कठिन और संवेदनशील बना हुआ है।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी
- पुष्टि की गई बातें: इंग्लैंड और वेल्स के स्कूलों में बच्चों द्वारा बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के हजारों मामले पुलिस में दर्ज किए गए हैं, और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार कई मामले बिना रिपोर्ट किए रह जाते हैं।
- अनिश्चितताएं: यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने मामलों में औपचारिक जांच हुई और कितने मामलों को बिना उचित कार्रवाई के दबा दिया गया।
- मूल स्रोत की जांच: पाठक इस रिपोर्ट और इससे जुड़े विवरणों की पुष्टि के लिए [द गार्डियन की मूल रिपोर्ट](https://www.theguardian.com/education/2026/oct/04/children-schools-struggle-cope-sexual-abuse-england-wales) देख सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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