अंतरिक्ष से रात में रोशनी: अमेरिकी स्टार्टअप के स्पेस मिरर प्रोजेक्ट पर पर्यावरणविदों की चिंता
· GlobeWire Daily Climate Desk · Source: www.theguardian.com

चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons
कैलिफोर्निया के एक ग्रामीण इलाके में रात के समय पहाड़ों से अचानक अत्यधिक तेज रोशनी चमकने की घटना सामने आई है, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए। यह अनोखी रोशनी किसी प्राकृतिक घटना का हिस्सा नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सूरज की रोशनी परावर्तित करने की एक नई तकनीक का हिस्सा थी।
स्पेस मिरर तकनीक और हालिया प्रदर्शन
'रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल' (Reflect Orbital) नामक एक अमेरिकी स्टार्टअप की योजना अगले दशक में अंतरिक्ष में 50,000 उपग्रह स्थापित करने की है, जो रात के समय पृथ्वी के कुछ हिस्सों को रोशन करेंगे। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष में विशालकाय शीशों की मदद से सूरज की रोशनी को पृथ्वी की ओर परावर्तित करना है। इस योजना के तहत, कंपनी ने सिएरा नेवादा क्षेत्र में माउंट व्हिटनी के पास एक प्रदर्शन किया, जिसमें रात में तेज रोशनी बिखेरी गई।
कंपनी के अनुसार, इस तकनीक का उद्देश्य रात के समय खोज और बचाव (सर्च-एंड-रेस्क्यू) दलों की मदद करना, फसलों को धूप देना, टूटी हुई स्ट्रीट लाइटों की जगह लेना और सैन्य अभियानों के लिए सौर ऊर्जा प्रदान करना है। जुलाई में, यूएस फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने अगले साल एक शुरुआती प्रदर्शन उपग्रह लॉन्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जो कक्षा में स्थापित होकर 3 मील चौड़े बीम में धूप परावर्तित करेगा।
पर्यावरण और खगोल विज्ञान पर संभावित प्रभाव
इस परियोजना के सामने आने के बाद पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों और खगोलविदों की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। अर्थजस्टिस (Earthjustice) जैसे पर्यावरण समूहों ने इस परियोजना को खतरनाक बताते हुए FCC से अपनी मंजूरी पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
आलोचकों का तर्क है कि रात और दिन के प्राकृतिक चक्र में बदलाव से वन्यजीवों, पक्षियों, कीड़ों और इंसानों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, खगोलविदों ने चिंता जताई है कि अंतरिक्ष में इस तरह के उपग्रहों की भीड़ से रात का आसमान प्रभावित होगा और तारों को देखना मुश्किल हो जाएगा। जलवायु वैज्ञानिकों ने भी इस बात की चेतावनी दी है कि पृथ्वी पर अतिरिक्त सौर ऊर्जा को निर्देशित करने से वैश्विक तापमान और पर्यावरण संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
व्यावहारिक निहितार्थ और आगे की स्थिति
रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने इन चिंताओं के जवाब में कहा है कि वह वैज्ञानिकों और खगोलीय स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को बचाने के लिए चर्चा कर रहा है। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक से रात में सोलर पैनलों की ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
वर्तमान में इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि इस तरह की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक या राष्ट्रीय स्तर पर किस प्रकार के कड़े नियम लागू किए जाएंगे। पाठक इस विषय पर अधिक जानकारी और आधिकारिक घोषणाओं की पुष्टि के लिए द गार्डियन की मूल रिपोर्ट (https://www.theguardian.com/us-news/2026/oct/26/california-sunlight-space-mirrors-satellites) और संबंधित नियामक दस्तावेजों का अवलोकन कर सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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