दिल्ली सरकार ने FY 2026‑27 के पहले छह महीनों में केवल 30 % बजट खर्च किया, कुछ क्षेत्रों में उपयोग 2 % से भी कम
· GlobeWire Daily Public Services Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

चित्र: timesofindia.indiatimes.com — Creative Commons
पृष्ठभूमि
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026‑27 के पहले छह महीनों (अप्रैल‑सितंबर) में अपने वार्षिक योजना‑बजट का केवल 30.5 % (₹19,071.5 crore) खर्च किया, जबकि कुल अनुमानित आवंटन ₹62,550 crore था। यह आंकड़ा ₹41,150 crore के अलग प्रशासनिक‑स्थापना बजट को छोड़कर, केवल योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रोजेक्ट्स के लिए है।
विभाग‑वार उपयोगिता
| विभाग | कुल आवंटन | खर्च (₹ crore) | उपयोगिता % | |--------|------------|----------------|------------| | उद्योग | 274 | 4.71 | 1.7 | | पर्यटन | — | — | 6.4 | | पोषण | — | — | 8.7 | | महिला‑बाल कल्याण | 7,161 | 639.2 | 8.9 | | परिवहन | 11,834 | — | 30 | | जल आपूर्ति‑स्वच्छता | — | — | 32 | | शहरी विकास | — | — | 35.2 | | चिकित्सा सेवाएँ | — | — | 27.4 | | सूक्ष्म सिंचाई‑बाढ़ नियंत्रण | — | — | 61.5 | | ऊर्जा | — | — | 48.8 | | सामान्य शिक्षा | — | — | 45.3 | | SC/ST/OBC कल्याण | — | — | 49.4 |
उद्योग विभाग ने सबसे कम उपयोगिता दर्ज की (1.7 %), उसके बाद पर्यटन (6.4 %), पोषण (8.7 %) और महिला‑बाल कल्याण (8.9 %) आए। दूसरी ओर, सूक्ष्म सिंचाई‑बाढ़ नियंत्रण ने 61.5 % तक की सबसे अधिक उपयोगिता दिखाई।
आधिकारिक टिप्पणी और अपेक्षित गति
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अप्रैल‑सितंबर तक 40‑50 % खर्च होना “स्वस्थ गति” माना जाता है, परन्तु इस पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। विभागीय अनुमोदन, टेंडर प्रक्रिया और मानसून‑से जुड़ी निर्माण‑विलंब के कारण पहले छमाही में खर्च धीमा रहना सामान्य है।
संभावित जोखिम और व्यावहारिक प्रभाव
- वर्ष‑अंत में खर्च‑रश – 30 % से कम खर्च करने वाले विभागों को वित्तीय वर्ष के अंतिम तिमाही (जनवरी‑मार्च) में बचे हुए कोष को उपयोग करने के लिए तेज़ी से कार्य करना पड़ सकता है। इससे टेंडर प्रक्रिया में जल्दबाज़ी, निरीक्षण में कमी और कार्य की गुणवत्ता पर असर पड़ने की संभावना है।
- लाभार्थियों पर असर – महिला‑बाल कल्याण, पोषण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कम खर्च का सीधा असर लक्षित समूहों (जैसे माताएँ, बच्चों, छोटे उद्यमियों) पर पड़ सकता है, क्योंकि योजनाओं के लाभ समय पर नहीं पहुँच पाएँगे।
- भविष्य के बजट आवंटन – लगातार कम उपयोगिता विभागों को अगले वर्ष के बजट में पुनः‑आवंटन या अतिरिक्त अनुदान की आवश्यकता हो सकती है, जिससे कुल राजस्व‑व्यय संतुलन पर दबाव बढ़ेगा।
अनिश्चितताएँ और आगे की जाँच
- अंतिम आंकड़े – आधिकारिक आंकड़े अभी मध्य‑वित्तीय वर्ष के हैं; सितंबर‑अंत तक वास्तविक उपयोगिता बदल सकती है।
- विवरणात्मक विभाजन – कुछ विभागों (जैसे पर्यटन, पोषण) के कुल आवंटन राशि स्रोत में स्पष्ट नहीं है; केवल उपयोगिता प्रतिशत उपलब्ध है।
- भविष्य की नीति – क्या सरकार अतिरिक्त अनुदान जारी करेगी या मौजूदा आवंटन को पुनः‑संतुलित करेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
मूल स्रोत की जाँच
सभी आँकड़े दिल्ली सरकार के आधिकारिक वित्तीय रिपोर्ट से लिये गये हैं, जो टाइम्स ऑफ इंडिया के लेख में प्रकाशित है। आप पूरी रिपोर्ट यहाँ देख सकते हैं: https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/govt-spent-just-30-of-schemes-budget-in-first-6-months-of-fy-27/articleshow/135217585.cms
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यह लेख केवल उपलब्ध सार्वजनिक डेटा पर आधारित है और किसी भी नई घोषणा या संशोधन के बाद अपडेट किया जा सकता है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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