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गुजरात सरकार की सरदार कृषि ज्योति योजना: कृषि फीडरों पर बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे का काम

· GlobeWire Daily Public Services Desk · Source: www.govtschemes.in

गुजरात सरकार की सरदार कृषि ज्योति योजना: कृषि फीडरों पर बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे का काम

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मुख्य बातेंगुजरात सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए सरदार कृषि ज्योति योजना (SKJY) की शुरुआत की है। ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल विभाग के तहत संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेतों को मिलने वाली बिजली की गुणवत्ता में सुधार करना और पुरानी तथा ज

गुजरात सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए सरदार कृषि ज्योति योजना (SKJY) की शुरुआत की है। ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल विभाग के तहत संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेतों को मिलने वाली बिजली की गुणवत्ता में सुधार करना और पुरानी तथा जर्जर हो चुकी बिजली लाइनों को बदलना है।

योजना का मुख्य उद्देश्य और पृष्ठभूमि

गुजरात में कई बिजली वितरण लाइनें पुरानी हो चुकी थीं। विद्युत नियामक आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, सामान्यतः वितरण लाइन की आयु लगभग 35 वर्ष होती है। हालांकि, तटीय क्षेत्रों में नम और नमकीन हवा तथा रासायनिक औद्योगिक क्षेत्रों के कारण इन लाइनों की उम्र और अधिक प्रभावित होती है। ऐसे पुराने तार बार-बार टूटने, बिजली कटौती और कई बार गंभीर विद्युत दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने सरदार कृषि ज्योति योजना के तहत पुरानी लाइनों को नई लाइनों से बदलने का निर्णय लिया है।

इस योजना के तहत कृषि फीडरों पर पुराने और क्षतिग्रस्त बिजली के तार, कंडक्टर और संबंधित सामग्री को बदला जाता है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार ओवरलोड कृषि फीडरों का विभाजन (बिफरकेशन) भी किया जाता है, ताकि खेतों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए स्थिर और अच्छी गुणवत्ता वाली बिजली मिल सके।

कार्यान्वयन और वित्तीय व्यवस्था

गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) अपनी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के माध्यम से इस योजना को लागू करता है। डिस्कॉम (DISCOMs) विस्तृत सर्वे करके उन फीडरों की पहचान करते हैं जिन्हें बदलने की आवश्यकता होती है और ई-टेंडरिंग के माध्यम से कार्य पूरा किया जाता है।

इस योजना के तहत किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता या नकद राशि (DBT) नहीं दी जाती है। इसके बजाय, बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से लाभ पहुंचाया जाता है। वित्तीय मोर्चे पर, राज्य सरकार कुल लागत का 80% हिस्सा सहायता के रूप में वहन करती है, जबकि संबंधित डिस्कॉम शेष 20% लागत वहन करता है।

पात्रता और नियम

  • आवेदक गुजरात का निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक का बिजली कनेक्शन कृषि फीडर (agricultural feeder) से जुड़ा होना चाहिए।
  • यह योजना ज्योति ग्राम फीडर, GIDC फीडर, HT एक्सप्रेस फीडर और औद्योगिक फीडरों पर लागू नहीं होती है।

आवेदन प्रक्रिया और शिकायत निवारण

किसानों को सरदार कृषि ज्योति योजना के लिए अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि डिस्कॉम अपने सर्वे के आधार पर कार्य करते हैं। हालांकि, यदि किसी कृषि फीडर की लाइन पुरानी है या बार-बार टूटती है, तो किसान स्थानीय बिजली उप-मंडल कार्यालय (Sub-Divisional Office) में जाकर अपनी शिकायत या अनुरोध दर्ज करा सकते हैं। कार्यालय में संपर्क करते समय कनेक्शन विवरण और समस्या की जानकारी साझा की जा सकती है।

व्यावहारिक निहितार्थ और समीक्षा

पुष्ट तथ्य बनाम अज्ञात: यह पूरी तरह से एक बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) सुधार योजना है। इसमें किसानों को कोई प्रत्यक्ष नकद सब्सिडी या बैंक ट्रांसफर नहीं मिलता है। योजना की कोई अंतिम तिथि (deadline) घोषित नहीं की गई है, क्योंकि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसके तहत डिस्कॉम सर्वे कर कार्य करते हैं।

मूल स्रोतों की जाँच कैसे करें: पाठक और हितधारक इस योजना से जुड़े अधिक विवरण और आधिकारिक दिशा-निर्देश देखने के लिए ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल विभाग, गुजरात सरकार के पोर्टल या गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। आधिकारिक विवरण के लिए [GovtSchemes.in](https://www.govtschemes.in/gujarat-sardar-krushi-jyoti-yojana-skjy) पर भी संदर्भ उपलब्ध है।

मूल स्रोत पढ़ें: Gujarat Sardar Krushi Jyoti Yojana (SKJY) - GovtSchemes.in

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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