पुरानी 2009 वैगनआर को इलेक्ट्रिक कार में बदलने का दावा: जानिए रिपोर्ट की मुख्य बातें
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चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation
बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता बढ़ रही है, जिसके चलते गाड़ी रूपांतरण (मॉडिफिकेशन) से जुड़े प्रोजेक्ट्स चर्चा में आते हैं। एक ऑटोमोटिव रिपोर्ट के अनुसार, एक पुरानी पेट्रोल कार को इलेक्ट्रिक पावरट्रेन में बदलने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट किए गए कन्वर्जन की मुख्य बातें
श्रीआन इलेक्ट्रिक वेहिकल (Sriaan Electric Vehicle) नामक ऑनलाइन चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार, मध्य प्रदेश में 17 साल पुरानी 2009 मॉडल की मारुति वैगनआर को इलेक्ट्रिक कार में तब्दील किया गया है। इस प्रक्रिया में कई मैकेनिकल बदलाव किए जाने का दावा किया गया है:
- इंजन हटाना: कार के इंजन बे से पुराना पेट्रोल इंजन, गियरबॉक्स के कुछ हिस्से, फ्यूल टैंक और साइलेंसर को पूरी तरह निकाले जाने की बात कही गई है।
- गियरबॉक्स सेटअप: आमतौर पर फैक्टरी निर्मित इलेक्ट्रिक कारों में सिंगल-स्पीड गियरबॉक्स होता है, लेकिन इस गाड़ी में मैनुअल क्लच और गियरबॉक्स को बनाए रखते हुए इलेक्ट्रिक मोटर को सीधे गियरबॉक्स से जोड़े जाने का दावा है।
- एसी के लिए अलग मोटर: पारंपरिक इंजन की तरह इलेक्ट्रिक मोटर आइडलिंग पर काम नहीं करती, इसलिए एसी कंप्रेसर चलाने के लिए ई-रिक्शा की 1 किलोवाट की अलग मोटर लगाए जाने की रिपोर्ट है।
- चार्जिंग और बैटरी: बैटरी और मोटर को कस्टम सपोर्ट के साथ हुड के अंदर फिट किया गया है। सीसीएस2 फास्ट चार्जिंग पोर्ट के बजाय फ्यूल फ्लैप के अंदर 16ए का इंडस्ट्रियल प्लग दिए जाने का दावा किया गया है।
प्रदर्शन से जुड़े दावे
इस मॉडिफाइड वैगनआर को लेकर निम्नलिखित प्रदर्शन आंकड़े बताए गए हैं:
- टॉप स्पीड: कन्वर्जन के बाद इसकी टॉप स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा बताए जाने का दावा है।
- ड्राइविंग रेंज: एक बार फुल चार्ज करने पर 100 से 110 किलोमीटर तक की रेंज मिलने का दावा किया गया है।
- स्मार्ट डिस्प्ले: डैशबोर्ड पर एक स्मार्ट डिस्प्ले लगाया गया है जो बैटरी प्रतिशत और मोटर का स्टेटस दिखाता है।
व्यावहारिक निहितार्थ और सत्यापन
पुरानी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलना नए वाहन खरीदने का विकल्प लग सकता है, लेकिन आफ्टरमार्केट मॉडिफाइड गाड़ियों के अपने तकनीकी, कानूनी और सुरक्षा संबंधी पहलू होते हैं। ऐसा कोई भी बदलाव करने से पहले वाहन चालकों को परिवहन विभाग के नियमों, होमोलोगेशन और बीमा संबंधी दिशा-निर्देशों की जांच अवश्य करनी चाहिए। मूल रिपोर्ट और वीडियो के माध्यम से इस कन्वर्जन की पुष्टि की जा सकती है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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