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मंगल ग्रह के दो पुराने अंतरिक्ष यान: NASA के 'ओडिसी' और 'MRO' कैसे दशकों से कर रहे हैं काम

· GlobeWire Daily Science Desk · Source: www.wired.com

मंगल ग्रह के दो पुराने अंतरिक्ष यान: NASA के 'ओडिसी' और 'MRO' कैसे दशकों से कर रहे हैं काम — featured illustration or credited source image

चित्र: Meghan Bartels — Creative Commons

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मुख्य बातें मंगल की परिक्रमा करते दो दशक से अधिक नासा के मार्स ओडिसी (Mars Odyssey) और मार्स रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (MRO) ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक दुर्लभ कीर्तिमान स्थापित किया है। ओडिसी ने 24 अक्टूबर, 2001 को मंगल पर पहुंच कर अपनी यात्रा शुरू की थी। तब से, यह और इसका 20 साल पुराना

मंगल की परिक्रमा करते दो दशक से अधिक

नासा के मार्स ओडिसी (Mars Odyssey) और मार्स रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (MRO) ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक दुर्लभ कीर्तिमान स्थापित किया है। ओडिसी ने 24 अक्टूबर, 2001 को मंगल पर पहुंच कर अपनी यात्रा शुरू की थी। तब से, यह और इसका 20 साल पुराना सहयोगी, MRO, उम्मीद से कहीं अधिक समय तक सक्रिय रहकर लगातार डेटा भेज रहे हैं।

इंजीनियरिंग और लचीलापन

अंतरिक्ष का वातावरण अत्यंत कठोर है, जहाँ उच्च-ऊर्जा वाले कण उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन यानों के इतने लंबे समय तक टिके रहने का श्रेय बेहतरीन इंजीनियरिंग और 'मार्जिन' (Margin) की रणनीति को जाता है। इंजीनियरों ने इन यानों को अतिरिक्त बैटरी और ईंधन के साथ डिजाइन किया था, जो आज भी काम आ रहा है। एक दिलचस्प चुनौती यह सामने आई कि MRO को नेविगेशन के लिए उपयोग किए जाने वाले तारों के नक्शे को अपडेट करना पड़ा, क्योंकि पिछले दो दशकों में तारों की स्थिति में बहुत मामूली बदलाव आया है। वहीं, ओडिसी के लिए ईंधन का प्रबंधन करना एक मुख्य चुनौती है, जिसे इंजीनियर अब बहुत सावधानी से कर रहे हैं।

मंगल पर मानव और रोवर के लिए संपर्क सूत्र

ये दोनों यान केवल वैज्ञानिक डेटा ही नहीं जुटा रहे हैं, बल्कि ये मंगल पर मौजूद नासा के रोवर्स के लिए पृथ्वी से संपर्क का प्राथमिक जरिया भी हैं। रोवर सीधे पृथ्वी से संवाद नहीं कर सकते, इसलिए ये ऑर्बिटर ही डेटा रिले (Relay) करते हैं।

क्या भविष्य में ऐसे मिशन आएंगे?

यद्यपि इन यानों ने पानी की खोज और सतह के बदलावों का अध्ययन करके मंगल की एक जीवंत छवि प्रस्तुत की है, लेकिन भविष्य के मिशनों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। नासा अब छोटे और सस्ते मिशनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसे लेकर वैज्ञानिक चिंतित हैं कि क्या वे ओडिसी और MRO जैसे दीर्घकालिक और उच्च गुणवत्ता वाले विज्ञान को दोहरा पाएंगे।

अधिक जानकारी के लिए

पाठक इस विषय पर अधिक जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए [नासा की आधिकारिक वेबसाइट](https://www.wired.com/story/how-nasa-oldest-mars-spacecraft-run-for-decades/) पर जा सकते हैं।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि अंतरिक्ष मिशनों में 'फास्ट, बेटर, चीपर' (तेज, बेहतर, सस्ता) का दृष्टिकोण जोखिम भरा हो सकता है, जैसा कि नासा ने 1999 के विफल मिशनों से सीखा था। ओडिसी और MRO की सफलता उनकी मजबूती और सावधानीपूर्वक परीक्षण का परिणाम है।

मूल स्रोत पढ़ें: NASA’s Oldest Martian Spacecraft Have Been Running for Decades. Here’s How

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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