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सुप्रीम कोर्ट ने NCLT और NCLAT की स्वायत्तता पर जताई चिंता

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· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

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मुख्य बातेंसुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (NCLAT) के प्रशासन में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के कथित हस्तक्षेप को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। अदालत का यह मानना है कि ट्रिब्यूनलों की संस्थागत स्वायत्तता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने NCLT और NCLAT की स्वायत्तता पर जताई चिंता

चित्र: Navbharat Times · स्रोत चित्र के उपयोग अधिकार स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं · चित्र स्रोत · Cropped to 16:9 for the website

NCLT और NCLAT के प्रशासन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (NCLAT) के प्रशासन में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के कथित हस्तक्षेप को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। अदालत का यह मानना है कि ट्रिब्यूनलों की संस्थागत स्वायत्तता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

सुनवाई के मुख्य बिंदु

  • पीठ का गठन: यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ द्वारा की गई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे।
  • मुख्य मुद्दे: NCLT की प्रशासनिक समस्याएं, कर्मचारियों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी शिकायतें।
  • मंत्रालय की भूमिका: अदालत के समक्ष यह बात सामने आई कि मंत्रालय इन अर्ध-न्यायिक संस्थाओं पर प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
  • निजी कंपनी को ठेका: वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को सूचित किया कि मंत्रालय द्वारा कर्मचारियों की भर्ती का कार्य एक निजी विदेशी कंपनी को सौंपा गया है, जिससे लगभग आठ वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने का जोखिम पैदा हो गया है।

अदालत का रुख और निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रिब्यूनल को केवल नाम मात्र के लिए स्वतंत्र नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी वास्तविक प्रशासनिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने केवल लंबे समय तक काम करने के आधार पर संविदा कर्मचारियों को सेवा में बनाए रखने की मांग को स्वतः स्वीकार नहीं किया। पीठ का यह भी मानना था कि नियुक्तियों से जुड़ी पूरी स्वायत्तता NCLT और NCLAT के अध्यक्षों के पास होनी चाहिए, जिससे न्यायिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे।

sarkari-naukri विवरण

  • जारी करने वाला प्राधिकरण: सुप्रीम कोर्ट / कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (रिपोर्ट के संदर्भ में)
  • अधिसूचना आईडी: Not specified
  • पद / परीक्षा: Not specified
  • पात्रता: Not specified
  • आयु सीमा: Not specified
  • रिक्तियां: Not specified
  • आवेदन शुल्क: Not specified
  • आवेदन तिथियां: Not specified
  • चयन चरण: Not specified
  • रिजल्ट / एडमिट कार्ड / उत्तर कुंजी की स्थिति: Not specified

यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया स्रोतों और अदालती कार्यवाही की जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक घोषणा और विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल की जाँच की जानी चाहिए।

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मूल स्रोत पढ़ें: 'नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को सरकारी मंत्रालय ने हाइजैक कर लिया है!' अर्ध-न्यायिक संस्थाओं की खराब हालत पर बिफरा सुप्रीम कोर्ट - Navbharat Times

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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