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उत्तर प्रदेश ने चरित्र सत्यापन में बदलाव: हिंसक संगठनों के सदस्य सरकारी नौकरी से अयोग्य

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· GlobeWire Daily Careers Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

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मुख्य बातेंउपरोक्त जानकारी नवभारत टाइम्स द्वारा 7 अक्टूबर 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। इस लेख ने स्वतंत्र रूप से सूचना की पुष्टि नहीं की है।
यूपी में हिंसा से बदलाव चाहने वाले संगठन के सदस्य को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, योगी सरकार ने सत्यापन की प्रक्रिया बदली

चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य‑स्तरीय पदों की भर्ती में चरित्र सत्यापन के नए दिशा‑निर्देश जारी किए हैं। विभागीय कर्मी और भर्ती निदेशालय द्वारा जारी यह नियम उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति से बाहर रखेगा जो हिंसा के माध्यम से सामाजिक व्यवस्था बदलने वाले संगठनों के सदस्य हैं।

नई पात्रता शर्तें

  • अयोग्यता मानदंड: किसी भी अभ्यर्थी को अयोग्य माना जाएगा यदि वह ऐसे संगठन का सदस्य है जिसका उद्देश्य हिंसा के द्वारा समाज में परिवर्तन लाना है, चाहे उसकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो।
  • आयु‑संबंधी प्रमाण: 21 वर्ष की आयु के बाद और सत्यापन तिथि से तीन वर्ष के भीतर ऐसी गतिविधियों में भागीदारी को अयोग्यता का प्रमाण माना जाएगा, बशर्ते सकारात्मक बदलाव के ठोस सबूत उपलब्ध हों।
  • सकारात्मक बदलाव का प्रमाण: यदि उम्मीदवार यह सिद्ध कर सके कि उसने हिंसक उद्देश्यों से दूर हो गया है, तो विभाग उसे पात्र मान सकता है, पर प्रमाण प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी उम्मीदवार पर होगी।

सत्यापन प्रक्रिया

  • स्व-घोषणा: अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र के साथ एक शर्त लगेगी कि अंतिम नियुक्ति सफल चरित्र सत्यापन पर निर्भर करेगी।
  • पुलिस/एलआईयू रिपोर्ट: पुलिस या स्थानीय जांच इकाई को अनुरोध के 30 दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
  • संवेदनशील पद: कानून‑प्रवर्तन, गुप्तचर और कुछ प्रशासनिक पदों के लिए विस्तृत सत्यापन पूरा होने तक नियुक्ति स्थगित रहेगी।
  • विपरीत रिपोर्ट: यदि रिपोर्ट प्रतिकूल आती है, तो जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के समक्ष सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
  • व्यक्तिगत बुलावा नहीं: पुलिस अभ्यर्थी को व्यक्तिगत रूप से नहीं बुलाएगी; मौजूदा अभिलेखों और दस्तावेज़ों के आधार पर जांच करेगी।
  • वर्तमान कर्मचारियों: मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को नई सत्यापन प्रक्रिया से नहीं गुज़रना पड़ेगा, जब तक कोई गंभीर आरोप न हो।

अभ्यर्थियों के लिए व्यावहारिक सुझाव

  • दस्तावेज़ तैयार रखें: यह साबित करने वाले प्रमाण‑पत्र, शपथपत्र या आधिकारिक क्लियरेंस रखें कि आप किसी हिंसक समूह से जुड़े नहीं हैं।
  • स्थिति पर नज़र रखें: नियुक्ति पत्र में सत्यापन शर्त का उल्लेख होगा; उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करें।
  • स्पष्टीकरण माँगें: यदि अयोग्यता का नोटिस मिले, तो डीएम के समक्ष सुनवाई का अधिकार प्रयोग करें।
  • सूचना अपडेट रखें: यह नियम सभी आगामी भर्ती पर लागू रहेगा, जब तक नई सूचना न जारी हो।

आधिकारिक नोटिफिकेशन कैसे जांचें

  1. उत्तर प्रदेश विभाग कर्मी की आधिकारिक वेबसाइट (personnel.up.gov.in) या यूपी सार्वजनिक सेवा आयोग पोर्टल पर जाएँ।
  2. *“चरित्र सत्यापन प्रक्रिया में संशोधन – नोटिफिकेशन क्रमांक [ID]”* शीर्षक वाला PDF देखें, जिसकी तिथि स्रोत में नहीं दी गई है।
  3. विश्वसनीय समाचार स्रोत (जैसे *नवभारत टाइम्स*) के सारांश से तुलना करें।
  4. यदि कोई संदेह हो, तो वेबसाइट पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर पुष्टि कर सकते हैं।

स्रोत में अनुपलब्ध जानकारी (Not Specified)

  • नोटिफिकेशन क्रमांक / रेफ़रेंस आईडी
  • प्रभावित पद या परीक्षा का विवरण
  • कुल रिक्तियों की संख्या
  • आवेदन शुल्क
  • आवेदन शुरू‑और‑समाप्ति तिथियाँ
  • लिखित परीक्षा, साक्षात्कार आदि चयन चरण
  • एडमिट‑कार्ड, उत्तर‑कुंजी या परिणाम की स्थिति

*उपरोक्त जानकारी नवभारत टाइम्स द्वारा 7 अक्टूबर 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। इस लेख ने स्वतंत्र रूप से सूचना की पुष्टि नहीं की है।*

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AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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