UNSW के छात्र AI बॉट्स और 'रेज बेट' के जरिए सीख रहे चुनावी हेरफेर की तकनीक
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सिम्युलेटेड चुनाव में एआई का प्रभाव
न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय (UNSW) के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र एक अनूठे शैक्षिक प्रयोग में भाग ले रहे हैं, जहाँ उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) बॉट्स का उपयोग करके एक काल्पनिक देश 'किंग्स्टोनिया' के चुनाव में हेरफेर करने की चुनौती दी गई है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना है कि कैसे एआई का उपयोग ऑनलाइन दुष्प्रचार और इन-ऑथेंटिक व्यवहार फैलाने के लिए किया जा सकता है।
प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताएं
- प्लेटफ़ॉर्म: छात्र 'लेगिट सोशल' नामक एक विशेष रूप से निर्मित सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करते हैं।
- रणनीति: छात्र 'रेज बेट' (rage bait) जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को गुस्सा दिलाकर अधिक कमेंट और एंगेजमेंट प्राप्त करना है।
- अंक प्रणाली: बॉट्स के माध्यम से मतदाताओं की राय बदलने, ध्यान आकर्षित करने और प्रतिद्वंद्वी टीमों के बॉट्स की पहचान करने पर छात्रों को अंक दिए जाते हैं।
शैक्षणिक महत्व
UNSW के वरिष्ठ व्याख्याता हैमंड पीयर्स के अनुसार, यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए एक 'पेट्री डिश' की तरह काम करती है। इसका उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि हमलावर एआई का उपयोग कैसे करते हैं और इसके बचाव के लिए रक्षात्मक उपाय (defenders) क्या हो सकते हैं।
छात्र कायरा डुमासिया, जो इस प्रतियोगिता का हिस्सा हैं, ने साझा किया कि यह अनुभव उन्हें वास्तविक दुनिया के सोशल मीडिया पर मौजूद एआई-जनित पोस्ट को पहचानने में मदद कर रहा है।
चुनावी अखंडता के लिए चिंताएं
यह शैक्षणिक अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर में चुनावों में एआई के बढ़ते प्रभाव पर बहस तेज है। हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई चुनावी आयोग ने एआई द्वारा उत्पन्न गलत सूचना, विदेशी हस्तक्षेप और सामाजिक सामंजस्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के प्रति आगाह किया है। शोधकर्ता इस प्रतियोगिता के डेटा का उपयोग यह अध्ययन करने के लिए भी कर रहे हैं कि एआई बॉट नेटवर्क कैसे विकसित होते हैं और उन्हें कैसे ट्रैक किया जा सकता है।
इस प्रयोग के बारे में अधिक जानकारी और अकादमिक शोध पत्रों को UNSW के आधिकारिक प्रकाशन पोर्टलों के माध्यम से सत्यापित किया जा सकता है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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