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कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने और 2023 के चुनाव कानून को रद्द करने की माँग की

· GlobeWire Daily Sports Desk · Source: news.abplive.com

Kharge said India was the only country to grant voting rights to everyone as soon as the Constitution came into force.

चित्र: Sagarika Chakraborty · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

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मुख्य बातें नकली संसद में कांग्रेस नेता ने प्रस्ताव पेश किया - शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष **मलिकरजुन खड़गे** ने एक नकली संसद सत्र में **मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार** को तुरंत हटाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया। - खड़गे ने अपना भाषण सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व

नकली संसद में कांग्रेस नेता ने प्रस्ताव पेश किया

  • शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मलिकरजुन खड़गे ने एक नकली संसद सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया।
  • खड़गे ने अपना भाषण सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करके शुरू किया, फिर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाया।

खड़गे के मुख्य आरोप

  • वयस्क सार्वभौमिक मताधिकार खतरे में – उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए कहा कि सभी वयस्कों को मतदान का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार “गंभीर खतरे” में है।
  • 2023 का चुनाव आयोग कानून – खड़गे ने कहा कि 2023 में पारित हुआ संशोधन सीईसी को राष्ट्रपति से भी अधिक सुरक्षा देता है, जिससे संसद की निगरानी सीमित हो गई है।
  • मतदाता सूची में हेरफेर
  • *महाराष्ट्र*: खड़गे ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान चार मिलियन नई नाम सूची में जोड़े गए, जिससे परिणाम उलट गया, जबकि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में पाँच गुना अधिक नाम हटाए गए।
  • *कर्नाटक*: इसी तरह की अनियमितताओं का उल्लेख किया, लेकिन कोई विशिष्ट आंकड़ा नहीं दिया गया।
  • सीईसी पर राजनीतिक दबाव – उन्होंने सीईसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आदेशों पर काम करने का आरोप लगाया।
  • अन्य आरोप – चुनाव बांड का दुरुपयोग, “एमपी चोरी”, और 2023 के कानून के बाद 145 विपक्षी सांसदों का निलंबन भी बताया गया।

पुष्टि‑योग्य तथ्य बनाम रिपोर्टेड आरोप

  • पुष्ट: नकली संसद सत्र में प्रस्ताव पेश किया गया; 2023 का चुनाव आयोग संशोधन मौजूद है; 2023 के बाद 145 विपक्षी सांसदों का निलंबन कई समाचार स्रोतों ने रिपोर्ट किया।
  • रिपोर्टेड/अभियुक्त: नई या हटाई गई मतदाता प्रविष्टियों की सटीक संख्या, SIR अभ्यास का उद्देश्य, और सीईसी की प्रधानमंत्री के प्रति निष्ठा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई है।
  • अस्पष्ट: खड़गे द्वारा उल्लेखित 18 लिखित अनुरोधों पर चुनाव आयोग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है; रोल‑बदलाव के आँकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

व्यावहारिक प्रभाव

  • चुनाव की विश्वसनीयता – यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को चुनौती मिल सकती है।
  • विपक्षी रणनीति – कांग्रेस और उसका INDIA ब्लॉक (खड़गे के अनुसार लगभग 60 % मतदाता) पारदर्शिता की माँग को तेज़ कर सकते हैं, संभवतः सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दायर करेंगे।
  • मतदाता सत्यापन – नागरिक अपने नाम को इलेक्शन कमिशन की ऑनलाइन पोर्टल पर जाँच सकते हैं, सूचना अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत डेटा माँग सकते हैं, या राज्य चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी अपडेट देख सकते हैं।

दावों की जाँच कैसे करें

  • आधिकारिक EC वेबसाइट पर 18 अनुरोधों के जवाब की कोई प्रेस रिलीज़ है या नहीं देखें।
  • 2023 संशोधन का मूल पाठ (कानून एवं न्याय मंत्रालय की साइट पर उपलब्ध) पढ़ें ताकि सीईसी की सुरक्षा का दायरा समझ सकें।
  • वोटर सर्च टूल का उपयोग करके यह पुष्टि करें कि आपका नाम हाल के चुनाव में जोड़ा या हटाया गया है या नहीं।
  • अदालत के दायरों को देखें – विपक्ष द्वारा दायर कोई भी याचिका सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी।

--- *यह लेख मलिकरजुन खड़गे के बयान और 2023 के चुनाव आयोग संशोधन के सार्वजनिक दस्तावेज़ों पर आधारित है। विशिष्ट मतदाता‑सूची आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है।*

मूल स्रोत पढ़ें: News 'Right To Vote In Grave Danger': Kharge Demands Gyanesh Kumar's Removal, Repeal Of 2023 Law

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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