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TRAI के नए प्रस्ताव: स्मार्ट टीवी और फ्री लाइव टीवी ऐप्स के लिए बदल सकते हैं नियम

· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

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मुख्य बातेंभारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्ट्रीमिंग ऐप्स के लिए नए नियमों की सिफारिश की है, जिसके तहत ऑनलाइन केवल उन्हीं लाइव टीवी चैनलों को प्रसारित किए जाने का प्रस्ताव है जिन्हें केंद्र सरकार से अनुमति या रजिस्ट्रेशन प्राप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रस्तावों का उद्देश्य इंटरनेट के जरिए प्रसारित होने वाले टीवी चैनलों के लिए जवाबदेही तय करना और…
Free Live Channel: बदलेगा फ्री लाइव चैनल देखने का तरीका, मिलेंगे चुनिंदा ऑप्शन, TRAI के नियमों से आप पर क्या असर

चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्ट्रीमिंग ऐप्स के लिए नए नियमों की सिफारिश की है, जिसके तहत ऑनलाइन केवल उन्हीं लाइव टीवी चैनलों को प्रसारित किए जाने का प्रस्ताव है जिन्हें केंद्र सरकार से अनुमति या रजिस्ट्रेशन प्राप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रस्तावों का उद्देश्य इंटरनेट के जरिए प्रसारित होने वाले टीवी चैनलों के लिए जवाबदेही तय करना और बिना अनुमति वाले चैनलों पर रोक लगाना है।

TRAI की मुख्य सिफारिशें

  • अधिकृत प्रसारण: स्ट्रीमिंग ऐप्स पर केवल वही टीवी चैनल प्रसारित हो सकेंगे जिनके पास सरकार की अनुमति या रजिस्ट्रेशन मौजूद होगा।
  • नई कैटेगरी का सुझाव: टेलीकम्युनिकेशन्स एक्ट 2023 के तहत एप्लिकेशन-बेस्ड लीनियर टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन (ALTD) नाम से एक नई कैटेगरी बनाने का सुझाव दिया गया है।
  • स्मार्ट टीवी और ऐप स्टोर्स की जिम्मेदारी: स्मार्ट टीवी निर्माता और ऑपरेटिंग सिस्टम या ऐप स्टोर देने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर केवल अनुमति प्राप्त ऐप्स ही उपलब्ध हों।
  • वार्षिक कंप्लायंस रिपोर्ट: कंपनियों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पास हर साल यह रिपोर्ट जमा करानी होगी कि नियमों का पालन किया जा रहा है।
  • शुल्क और मान्यता: इसके लिए 1 लाख रुपये की वन-टाइम एंट्री फीस, 10,000 रुपये की प्रोसेसिंग फीस और 20 साल की मान्यता (जिसे आगे 10-10 साल बढ़ाया जा सके) का सुझाव है।
  • शिकायतों का समाधान: कंटेंट या सर्विस से जुड़ी समस्याओं के समाधान की सीधी जवाबदेही उस कंपनी की होगी जिसका ऐप चैनल प्रसारित कर रहा है।

व्यावहारिक प्रभाव और सत्यापन

यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो दर्शकों को केवल वही लाइव चैनल इंटरनेट पर मिलेंगे जिनके पास वैध अनुमति है, जबकि अनधिकृत और फर्जी चैनल बंद हो सकते हैं। जमीन पर ये बदलाव तभी दिखेंगे जब केंद्र सरकार इन सिफारिशों को मंजूरी देकर आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। पाठक और संबंधित पक्ष अधिक जानकारी के लिए TRAI या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक विज्ञापनों और घोषणाओं की जांच कर सकते हैं।

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मूल स्रोत पढ़ें: Free Live Channel: बदलेगा फ्री लाइव चैनल देखने का तरीका, मिलेंगे चुनिंदा ऑप्शन, TRAI के नियमों से आप पर क्या असर - Navbharat Times

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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