टेलीकॉम और ऑपरेटर
TRAI ने टेलीकॉम के लिए AI गवर्नेंस ड्राफ्ट जारी किया, 27 नवम्बर तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया मांगी
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.business-standard.com
मुख्य बातें--- यह लेख TRAI के ड्राफ्ट दस्तावेज़ और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है; कोई भी निजी उद्धरण या अनजाने डेटा नहीं जोड़ा गया है।

GlobeWire Daily की मूल सांकेतिक तस्वीर — घटना की वास्तविक फोटो नहीं।
सारांश
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने शुक्रवार को एक ड्राफ्ट फ्रेमवर्क जारी किया है, जिसका उद्देश्य टेलीग्राफ़ एक्ट या टेलीकॉम एक्ट के तहत लाइसेंसधारी संस्थाओं द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को नियंत्रित करना है। यह ड्राफ्ट 27 नवम्बर तक सार्वजनिक टिप्पणी के लिए खुला है।
मुख्य प्रस्ताव
- बोर्ड‑स्वीकृत AI नीति – प्रत्येक लाइसेंसधारी इकाई को बोर्ड या समान शासकीय निकाय द्वारा स्वीकृत AI नीति अपनानी होगी।
- शासन संरचना – जोखिम प्रबंधन की देखरेख के लिए विशेष AI गवर्नेंस और सुरक्षा समितियों की स्थापना अनिवार्य है।
- जोखिम वर्गीकरण – AI सिस्टम को उनके नेटवर्क संचालन, वित्तीय प्रभाव और उपभोक्ता हितों के आधार पर उच्च, मध्यम या निम्न‑जोखिम श्रेणियों में बाँटा जाएगा।
- मानव निगरानी – सभी AI तैनाती में पूर्वनिर्धारित मानव‑निगरानी तंत्र होना चाहिए, चाहे तकनीक आंतरिक रूप से विकसित हो या बाहरी स्रोत से प्राप्त।
- घटना रिपोर्टिंग – AI‑संबंधित घटनाओं को संकटपूर्ण, उच्च, मध्यम या निम्न गंभीरता में वर्गीकृत किया जाएगा। संकटपूर्ण और उच्च‑गंभीरता वाली घटनाओं की TRAI को अनिवार्य रिपोर्टिंग होगी, हालांकि ड्राफ्ट में अभी तक सटीक मानदंड या समय‑सीमा नहीं बताई गई है।
- केंद्रीय डेटाबेस – टेलीकॉम कंपनियों को AI घटनाओं और उपभोक्ता शिकायतों का डेटाबेस बनाकर रखना होगा, जिसमें जांच, शमन और समाधान की प्रक्रियाएँ शामिल होंगी।
उद्योग की वर्तमान स्थिति
- Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी प्रमुख भारतीय ऑपरेटर पहले से ही ग्राहक पहचान, धोखाधड़ी रोकथाम और नेटवर्क अनुकूलन के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं।
- वैश्विक नेटवर्क उपकरण निर्माता Nokia और Ericsson अपने हार्डवेयर में AI को एम्बेड कर रहे हैं, जिसे भारतीय कैरियर्स धीरे‑धीरे अपनाते हैं।
संभावित प्रभाव
- जवाबदेही – फ्रेमवर्क ऑपरेटरों को AI के परिणामों के लिए सिस्टम के स्रोत से स्वतंत्र रूप से जिम्मेदार बनाता है (आंतरिक विकास, आउटसोर्स या मिश्रित)।
- जोखिम नियंत्रण – बोर्ड‑स्तर की निगरानी और मानव‑इन‑द‑लूप नियंत्रण के माध्यम से TRAI पक्षपात, मॉडल ड्रिफ्ट और प्रतिकूल हमलों जैसी खतरों को कम करने का लक्ष्य रखता है।
- अनुपालन बोझ – नीति तैयार करना, समितियों की स्थापना, AI संपत्तियों का वर्गीकरण और घटना लॉग बनाए रखना कानूनी और संचालनात्मक लागत बढ़ा सकता है।
अगले कदम और सत्यापन
- सार्वजनिक परामर्श – हितधारक 27 नवम्बर 2024 तक TRAI के पोर्टल पर लिखित टिप्पणी जमा कर सकते हैं।
- अंतिम नियमावली – TRAI प्रतिक्रिया का विश्लेषण कर अंतिम संस्करण जारी करेगा, जिसमें संभवतः गंभीरता स्तर और रिपोर्टिंग समय‑सीमा स्पष्ट होगी।
- निगरानी – कंपनियों को TRAI के नोटिफिकेशन और आगे के सर्कुलर पर नज़र रखनी चाहिए ताकि अनुपालन आवश्यकताओं में बदलाव का पता चल सके।
सत्यापन कैसे करें
- TRAI की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.trai.gov.in) पर जाएँ और Consultations सेक्शन में “Draft AI Governance Framework” डाउनलोड करें।
- प्रत्येक प्रावधान के सटीक शब्दावली को PDF में पढ़ें।
- किसी भी अतिरिक्त प्रेस रिलीज़ या फॉलो‑अप नोटिस को देखें, जो घटना‑गंभीरता मानदंड जैसी अस्पष्ट बातों को स्पष्ट कर सकते हैं।
--- *यह लेख TRAI के ड्राफ्ट दस्तावेज़ और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है; कोई भी निजी उद्धरण या अनजाने डेटा नहीं जोड़ा गया है।*
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मूल स्रोत पढ़ें: Trai proposes AI governance framework, accountability rules for telcos
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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