वीजा और इमिग्रेशन

श्रीलंकाई महिला कुक आइलैंड्स में फंसी, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रांजिट वीज़ा से इनकार किया

· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.bbc.co.uk

श्रीलंकाई महिला कुक आइलैंड्स में फंसी, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रांजिट वीज़ा से इनकार किया

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मुख्य बातें मुख्य घटनाक्रम बीबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 50 वर्षीय श्रीलंकाई नागरिक रुचिरा रानासिंघा पिछले तीन साल से दक्षिण प्रशांत के कुक आइलैंड्स में फंसी हुई हैं। उनके पास श्रीलंका लौटने के लिए न्यूज़ीलैंड या ऑस्ट्रेलिया का ट्रांजिट वीज़ा नहीं है। रिपोर्ट किए गए विवरण

मुख्य घटनाक्रम

बीबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 50 वर्षीय श्रीलंकाई नागरिक रुचिरा रानासिंघा पिछले तीन साल से दक्षिण प्रशांत के कुक आइलैंड्स में फंसी हुई हैं। उनके पास श्रीलंका लौटने के लिए न्यूज़ीलैंड या ऑस्ट्रेलिया का ट्रांजिट वीज़ा नहीं है।

रिपोर्ट किए गए विवरण

  • रानासिंघा 2018 में श्रीलंका छोड़कर हांगकांग गई थीं, जहां उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल का काम किया।
  • दिसंबर 2022 में वह दो महीने के विजिट वीज़ा पर न्यूज़ीलैंड गईं और अपने चचेरे भाई के साथ रहीं।
  • उन्होंने श्रीलंका में कर्जदाताओं से धमकी का हवाला देते हुए शरणार्थी का दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें शरणार्थी "ओपन वर्क वीज़ा" दिया गया, जिससे वे लगभग एक साल तक काम कर सकीं।
  • एक रेस्तरां ने रोजगार वीज़ा के लिए स्पॉन्सर करने की बात कही थी, लेकिन शरणार्थी आवेदन लंबित होने के दौरान अन्य वीज़ा के लिए आवेदन आम तौर पर स्वीकार नहीं किए जाते, इसलिए यह आवेदन खारिज हो गया।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने एक इमिग्रेशन सलाहकार फर्म से संपर्क किया, जिसने कथित तौर पर विदेश से नया रोजगार वीज़ा आवेदन करने की सलाह दी। इसके बाद वह कुक आइलैंड्स चली गईं।
  • कुक आइलैंड्स से रोजगार वीज़ा फिर से खारिज हो गया। न्यूज़ीलैंड छोड़ने पर उनके मौजूदा वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन हुआ, और न्यूज़ीलैंड अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें भविष्य में कोई वीज़ा नहीं दिया जाएगा।
  • न्यूज़ीलैंड ने उनके तीन ट्रांजिट वीज़ा आवेदन खारिज किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने चार आवेदन खारिज किए। अधिकारियों का कहना था कि वे आश्वस्त नहीं हैं कि वह न्यूज़ीलैंड से चली जाएंगी।
  • टाहिती और हवाई जाने के लिए भी न्यूज़ीलैंड में बायोमेट्रिक जानकारी देनी होगी, जो व्यक्तिगत रूप से वहीं संभव है।

आधिकारिक बयान

  • इमिग्रेशन न्यूज़ीलैंड ने बीबीसी को बताया कि रानासिंघा के कई ट्रांजिट वीज़ा आवेदन इसलिए खारिज किए गए क्योंकि विभाग को संतुष्टि नहीं हुई कि उनका न्यूज़ीलैंड से होकर वास्तविक ट्रांजिट का इरादा है।
  • न्यूज़ीलैंड के आप्रवासन मंत्री के कार्यालय के प्रतिनिधि ने कहा कि हथकड़ी या एस्कॉर्ट जैसे उपाय शरणार्थी दावा दाखिल करने से नहीं रोकते।
  • ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्रालय ने व्यक्तिगत मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि गैर-नागरिकों को माइग्रेशन एक्ट 1958 और माइग्रेशन रेगुलेशंस 1994 की शर्तें पूरी करनी होंगी।
  • श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को बताया कि वह कुक आइलैंड्स से उनकी वापसी सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। श्रीलंका उच्चायोग, वेलिंगटन और न्यूज़ीलैंड के संबंधित अधिकारी विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञ की राय और रिपोर्ट किए गए दावे

ऑकलैंड स्थित इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ अलास्टर मैकक्लायमोंट ने कहा कि रानासिंघा को "भयानक सलाह" मिली, जो किसी वास्तविक इमिग्रेशन वकील की नहीं हो सकती। उन्होंने तथाकथित इमिग्रेशन सलाहकारों के उद्योग की ओर इशारा किया जो आवेदन दाखिल करने के लिए शुल्क लेते हैं लेकिन जोखिम पूरी तरह नहीं समझते। रिपोर्ट के अनुसार, रानासिंघा ने इमिग्रेशन एंड सेक्रेटेरियल सर्विसेज को हजारों न्यूज़ीलैंड डॉलर का भुगतान किया था। बीबीसी ने फर्म की प्रबंधक सिल्विएन गैलेंट से संपर्क किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

रानासिंघा ने बीबीसी से कहा कि उनके बेटे की नवंबर में शादी है और उनकी मां बार-बार अस्पताल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे कुछ भी करने को तैयार हैं, बस घर जाना चाहती हैं। उनके भाई ने बीबीसी सिंहला को बताया कि उनकी मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है।

व्यावहारिक प्रभाव और सत्यापन

इस मामले से पता चलता है कि एक देश से बाहर निकलने पर वीज़ा शर्तों का उल्लंघन कैसे दूसरे देशों में प्रवेश या ट्रांजिट को प्रभावित कर सकता है। प्रभावित राष्ट्रीयता: श्रीलंका।

पाठक मूल घोषणा और बयानों की पुष्टि इन स्रोतों से कर सकते हैं:

  • बीबीसी न्यूज़ की मूल रिपोर्ट
  • इमिग्रेशन न्यूज़ीलैंड का बयान
  • ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्रालय का बयान
  • श्रीलंका के विदेश मंत्रालय का बयान

अज्ञात बातें

  • क्या श्रीलंका सरकार उन्हें वापस लाने में सफल होगी, यह स्पष्ट नहीं है।
  • उनके भविष्य के वीज़ा आवेदनों का परिणाम अज्ञात है।
  • न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस या अमेरिका द्वारा कोई राहत दिए जाने की कोई गारंटी नहीं है।
मूल स्रोत पढ़ें: I've been stuck on a tiny Pacific island for years and can't get a transit visa to fly home

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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