टमाटर के बर्बाद हिस्सों से बना बायो‑लेदर: एक भारतीय स्टार्ट‑अप की टिकाऊ यात्रा
· GlobeWire Daily World Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

चित्र: The Times of India · स्रोत चित्र के उपयोग अधिकार स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं · चित्र स्रोत · स्रोत चित्र 16:9 अनुपात में काटा गया
परिचय
टमाटर के उन हिस्सों को जो बाजार में नहीं पहुँच पाते—जैसे बदरंग, मुलायम या प्रसंस्करण‑अयोग्य—को अब फैशन उद्योग में उपयोग होने वाले बायो‑लेदर में बदल दिया जा रहा है। यह अवधारणा द बायो कंपनी के संस्थापक प्रीतिश मिस्त्री द्वारा विकसित की गई है, जिसका विवरण *Times of India* (2024) के लेख में दिया गया है।
बायो‑लेदर बनाने की प्रक्रिया
- कच्चा माल संग्रह: टमाटर की छाल, बीज और अन्य बाय‑प्रोडक्ट्स को खेतों तथा खाद्य‑प्रसंस्करण इकाइयों से एकत्र किया जाता है।
- प्री‑प्रोसेसिंग: एकत्रित सामग्री को साफ‑सफाई और सूखाने के बाद पेक्टिन‑समृद्ध घटकों को निकालते हैं।
- संकलन: पेक्टिन को बायोपॉलिमर, पौध‑आधारित बाइंडर और प्राकृतिक रेशों के साथ मिलाकर लचीला शीट तैयार किया जाता है।
- फ़िनिशिंग: तैयार शीट को आवश्यक बनावट और मजबूती के अनुसार ट्रीट किया जाता है, जिससे वह पारंपरिक चमड़े के विकल्प के रूप में उपयोगी बनती है।
*Times of India* के अनुसार, इस प्रक्रिया में सामान्य सिंथेटिक लेदर में प्रयुक्त PU (पॉलीयूरीथेन) और PVC (पॉलीविनाइल क्लोराइड) का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उत्पाद को प्लास्टिक‑मुक्त, जैव‑विघटनीय और वीगन कहा गया है।
व्यावसायिक प्रगति और रिपोर्टेड दावे
- उत्पादन क्षमता: *Tomato News* (Feb 2025) के एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी लगभग 5,000 मीटर बायो‑लेदर प्रति माह उत्पादन करती है।
- उपयोग के क्षेत्र: हैंडबैग, फुटवियर, जैकेट और ऑटोमोबाइल इंटीरियर्स में इसका प्रयोग हो रहा है। टोरंटो‑आधारित हैंडबैग लेबल Satuhati ने 2024 में इस सामग्री को अपनाया, जैसा कि *The Better India* ने बताया।
- पुरस्कार: 2021 में *PETA Vegan Fashion Awards* में “Best Innovation in Textile” का सम्मान मिला।
- आर्थिक आकार: लेख में कहा गया है कि “वित्तीय रूप से मल्टी‑करोड़ की एंपायर” का दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है; इस पर कोई सार्वजनिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।
पर्यावरणीय प्रभाव के संभावित लाभ
- कृषि‑अपशिष्ट में कमी: टमाटर के बाय‑प्रोडक्ट्स को नष्ट करने के बजाय उपयोगी सामग्री में बदलकर अपशिष्ट को घटाया जा सकता है।
- लेदर उद्योग की प्रदूषण‑कम: पारंपरिक टैनिंग प्रक्रिया में भारी रसायन और जल‑प्रदूषण शामिल है; बायो‑लेदर इस समस्या को कम करने की संभावना रखता है।
- प्लास्टिक‑मुक्त विकल्प: PU और PVC से मुक्त होने के कारण माइक्रोप्लास्टिक उत्सर्जन में कमी की आशा है।
> ध्यान दें: पर्यावरणीय लाभ का वास्तविक मूल्यांकन सामग्री की पूरी जीवन‑चक्र (उत्पादन, उपयोग, निपटान) पर निर्भर करता है, जिसके लिए स्वतंत्र LCA (Life‑Cycle Assessment) रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं है।
सत्यापन के उपाय
- कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्पादन आँकड़े और प्रमाणपत्र देखें।
- सरकारी कृषि‑अपशिष्ट प्रबंधन रिपोर्ट या कंपनी के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ की जाँच करके व्यावसायिक आकार की पुष्टि करें।
- स्वतंत्र पर्यावरणीय ऑडिट (जैसे GRI या B Corp) की उपलब्धता की तलाश करें।
- उत्पाद उपयोगकर्ता (डिज़ाइनर, ब्रांड) के साथ सीधे संपर्क करके सामग्री की गुणवत्ता और टिकाऊपन के बारे में फीडबैक प्राप्त करें।
निष्कर्ष
प्रीतिश मिस्त्री की पहल ने दिखाया है कि कृषि‑अपशिष्ट को मूल्य‑सृजन में बदलना संभव है, और बायो‑लेदर जैसे नवाचार से फैशन‑उद्योग में पर्यावरणीय दबाव कम किया जा सकता है। जबकि उत्पादन क्षमता और कुछ पुरस्कारों की पुष्टि उपलब्ध है, “मल्टी‑करोड़ एंपायर” जैसी आर्थिक दावों को स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित करना आवश्यक है। भविष्य में यदि व्यापक जीवन‑चक्र विश्लेषण और बाजार‑डेटा उपलब्ध हो जाएँ, तो इस तकनीक की वास्तविक टिकाऊ‑प्रभाविता को अधिक स्पष्ट रूप से मापा जा सकेगा।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
GlobeWire Daily पर चर्चित खबरें
हालिया खबरों और संबंधित विषयों पर आधारित चयन; लाइव सर्च रैंकिंग नहीं।
GitHub Copilot में 'Max' रिव्यू और ऑटोमेटेड अप्रूवल फीचर पेश
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च के बीच अमेरिकी टेक शेयरों में बड़ी गिरावट
मैनचेस्टर यूनाइटेड के मुख्य कोच माइकल कैरिक और ब्रूनो फर्नांडीस के बीच हुई निजी बातचीत
Open Genjutsu: वीडियो रीकास्टिंग के लिए एक नया लोकल-फर्स्ट टूल
Lexmount ने AI एजेंट्स के लिए पेश किया Moli, जो Rust आधारित एक तेज हेडलेस ब्राउज़र है
रग्बी लीग वर्ल्ड कप: टोंगा ने रोमांचक मुकाबले में समोआ को 20-18 से हराया

