विश्व समाचार

शीतल देवी ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में जीता डबल गोल्ड, पैरा-आर्चरी में रचा नया इतिहास

· GlobeWire Daily World Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

शीतल देवी ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में जीता डबल गोल्ड, पैरा-आर्चरी में रचा नया इतिहास

GlobeWire Daily की मूल सांकेतिक तस्वीर — घटना की वास्तविक फोटो नहीं।

यह खबर शेयर करें
मुख्य बातें एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर की रहने वाली पैरा-आर्चर शीतल देवी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में एक बार फिर अपने कौशल का लोहा मनवाया है। शीतल ने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक (गोल्ड) और एक रजत पदक (सिल्वर) अपने न

एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन

जम्मू और कश्मीर की रहने वाली पैरा-आर्चर शीतल देवी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में एक बार फिर अपने कौशल का लोहा मनवाया है। शीतल ने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक (गोल्ड) और एक रजत पदक (सिल्वर) अपने नाम किया है। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा और कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते, जबकि महिला युगल में उन्हें रजत पदक मिला।

एक अनूठी तकनीक और कड़ी मेहनत

शीतल देवी का खेल उनके संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी कहता है। बिना हाथों के जन्मीं शीतल ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को बाधा नहीं बनने दिया। उनकी आर्चरी तकनीक विश्व भर में चर्चा का विषय है:

  • स्थिरता: वह अपने पैर से धनुष को थामती हैं।
  • शक्ति: कंधे का उपयोग करके वह धनुष की डोर को खींचती हैं।
  • सटीकता: मुंह की सहायता से बने रिलीज एड के जरिए वह तीर छोड़ती हैं।

करियर का सफर

किश्तवाड़ जिले के लोइधर गांव में पली-बढ़ीं शीतल की प्रतिभा की पहचान 2019 में भारतीय सेना के एक शिविर के दौरान हुई थी। इसके बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में उनके प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में उन्होंने सालों की कड़ी मेहनत के बाद 50 मीटर की मानक दूरी पर सटीक निशाना लगाना सीखा।

वैश्विक स्तर पर पहचान

शीतल देवी का अब तक का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है:

  • 2023 हांग्जो एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण और रजत पदक।
  • पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक।
  • 17 वर्ष की आयु में भारत की सबसे युवा पैरालंपिक पदक विजेता बनीं।
  • 2025 में ग्वांगजू, दक्षिण कोरिया में व्यक्तिगत विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता।

प्रेरणा और भविष्य

एशियाई पैरालंपिक समिति से बात करते हुए शीतल ने अपनी जीत का श्रेय अपनी मेहनत और प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने को दिया। वह न केवल एक एथलीट हैं, बल्कि दुनिया भर के दिव्यांग बच्चों के लिए एक प्रेरणा भी बन चुकी हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की क्षमताओं पर विश्वास करें और उनका समर्थन करें। अधिकृत अपडेट और जानकारी के लिए उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल '@sheetal_archery' को देखा जा सकता है।

मूल स्रोत पढ़ें: Armless archer Sheetal Devi wins double gold at Asian Para Games

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लेखक के बारे में

GlobeWire Daily World Desk — प्रकाशित स्रोतों पर आधारित AI-सहायता प्राप्त खबरें।

और पढ़ें