आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

भारत ने एआई प्रशिक्षण के लिए डेटा उपयोग हेतु प्रस्तावित ढांचा पेश किया

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· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.business-standard.com

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मुख्य बातें
भारत ने एआई प्रशिक्षण के लिए डेटा उपयोग हेतु प्रस्तावित ढांचा पेश किया

GlobeWire Daily की मूल सांकेतिक तस्वीर — घटना की वास्तविक फोटो नहीं।

डीईपीए (DEPA) फॉर एआई ट्रेनिंग का अवलोकन

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर' (DEPA) फॉर एआई ट्रेनिंग का एक मसौदा ढांचा पेश किया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और कंपनियों को अस्पतालों, बैंकों और सार्वजनिक एजेंसियों में बंद डेटा का उपयोग करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को प्रशिक्षित करने में सक्षम बनाना है, वह भी व्यक्तिगत गोपनीयता को सुरक्षित रखते हुए।

'डेटा डेडलॉक' की समस्या

रिपोर्ट में भारत में एआई विकास के लिए 'डेटा डेडलॉक' को मुख्य बाधा बताया गया है। मॉडल प्रशिक्षण के लिए आवश्यक डेटा संस्थागत और विनियामक दीवारों के पीछे फंसा हुआ है, जिससे केवल बड़ी कंपनियों को लाभ मिल रहा है। रिपोर्ट मुख्य चुनौतियों को रेखांकित करती है:

  • गोपनीयता जोखिम: पारंपरिक एनोनिमाइज़ेशन (नाम हटाना) पुन: पहचान (re-identification) के जोखिम को रोकने के लिए अपर्याप्त है।
  • संस्थागत बाधाएं: विश्वास और स्पष्ट ढांचे की कमी के कारण संगठन डेटा साझा करने में संकोच करते हैं।
  • लागत-लाभ असंतुलन: जोखिम और लागत अक्सर डेटा साझा करने के लाभों से अधिक होते हैं।

तकनीकी संरचना

यह ढांचा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार तकनीकी स्तंभों पर आधारित है:

  1. डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म: अनुरोधों के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय हब।
  2. इलेक्ट्रॉनिक अनुबंध: कानूनी रूप से बाध्यकारी, मशीन-पठनीय समझौते।
  3. सुरक्षित डेटा वातावरण: ऐसे अलग स्थान जहां कच्चा डेटा दिखाए बिना प्रशिक्षण होता है।
  4. डिफरेंशियल प्राइवेसी: ऐसी तकनीकें जो यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रशिक्षित मॉडलों से व्यक्तिगत जानकारी न निकाली जा सके।

क्रियान्वयन और भविष्य की राह

प्रस्तावित मॉडल के अनुसार, प्रदाता अपने डेटासेट को पंजीकृत करेंगे और 'डेटा कोलाब्स' नामक मध्यस्थ जानकारी को मानकीकृत करेंगे। डेटा का उपयोग केवल सत्यापित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। सरकार वित्त और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के साथ शुरुआत करने की योजना बना रही है। इसका अंतिम लक्ष्य एक ऐसी डेटा-संचालित अर्थव्यवस्था बनाना है जो 2030 तक भारत के जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

सत्यापन

इच्छुक पक्ष MeitY द्वारा जारी आधिकारिक डीईपीए हैंडबुक देख सकते हैं। यह पहल वर्तमान में मसौदा चरण में है, और हितधारकों को औपचारिक परामर्श प्रक्रियाओं के लिए भविष्य की सरकारी अधिसूचनाओं की निगरानी करनी चाहिए।

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मूल स्रोत पढ़ें: India proposes framework to unlock data for AI training, protect privacy - Business Standard

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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