यूक्रेन युद्ध के बढ़ते खर्चों के बीच रूस ने करों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.amarujala.com

चित्र: Amar Ujala · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation
वित्तीय दबाव और नई नीतियां
यूक्रेन में जारी सैन्य संघर्ष ने रूस की सरकारी तिजोरी पर भारी दबाव डाल दिया है। इस वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए, व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने 2027-2029 की अवधि के लिए नए कर प्रस्ताव पेश किए हैं। इन प्रस्तावों का उद्देश्य युद्ध के बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए राजस्व के नए स्रोत तलाशना है।
कर प्रस्तावों के मुख्य बिंदु
सरकार द्वारा प्रस्तावित परिवर्तनों में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- खनन कंपनियां: लौह अयस्क, निकेल और सोने का उत्पादन करने वाली कंपनियों पर 20 से 30 प्रतिशत तक का 'अप्रत्याशित मुनाफा कर' (windfall tax) लगाने की योजना है। यह उन कंपनियों पर लागू होगा जिन्होंने हालिया बाजार मूल्य वृद्धि से लाभ कमाया है।
- आय कर में बदलाव: ब्याज, लाभांश और संपत्ति की बिक्री से होने वाली आय पर कर की दरों को 13-15 प्रतिशत के मौजूदा स्लैब से बढ़ाकर 22 प्रतिशत तक ले जाने का प्रस्ताव है।
- आयात और ऑनलाइन खरीदारी: एक जनवरी से विदेशी सामानों पर नए शुल्क लागू होंगे। इसमें प्रत्येक पार्सल पर 100 रूबल का शुल्क और 200 यूरो से कम मूल्य वाली ऑनलाइन वस्तुओं पर 22 प्रतिशत वैट शामिल है।
- विदेशी निवेशकों पर बोझ: 'अमित्र देशों' के निवेशकों के प्रतिबंधित खातों में भेजे जाने वाले लाभांश पर 35 प्रतिशत टैक्स लगाने का सुझाव दिया गया है।
स्थिति का आकलन
ये प्रस्तावित उपाय अभी विधायी मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। हालांकि रूसी सरकार इसे आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक कदम बता रही है, लेकिन स्वतंत्र पर्यवेक्षकों का मानना है कि ये बदलाव युद्ध के कारण घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे गहरे असर को दर्शाते हैं। इन नीतियों के बारे में आधिकारिक जानकारी रूस के वित्त मंत्रालय और ड्यूमा की बैठकों के माध्यम से सत्यापित की जा सकती है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
GlobeWire Daily पर चर्चित खबरें
हालिया खबरों और संबंधित विषयों पर आधारित चयन; लाइव सर्च रैंकिंग नहीं।









