दिवाली शॉपिंग सीजन में साइबर ठगी का खतरा: इन 10 तरीकों से बचकर रहें
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.bhaskar.com

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त्योहारों के सीजन और दिवाली के नजदीक आते ही ऑनलाइन शॉपिंग और आकर्षक ऑफर्स का दौर शुरू हो गया है। इस दौरान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी बढ़ने के साथ ही साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ने की आशंका जताई गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा के अनुसार, त्योहारी सीजन में लोग अक्सर जल्दबाजी में ऑफर्स के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।
10 प्रमुख साइबर फ्रॉड के तरीके
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कैमर्स इस दौरान कई नए और पुराने तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं:
- फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स: असली कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट्स के जरिए भारी डिस्काउंट का लालच देकर पेमेंट कराना और सामान न भेजना।
- फर्जी शॉपिंग ऐप्स: बड़े ब्रांड्स से मिलते-जुलते नाम वाले एपीके (APK) ऐप्स डाउनलोड करवाकर फोन का एक्सेस और संवेदनशील डेटा चुराना।
- सोशल मीडिया विज्ञापन: ब्रांडेड कपड़ों और सजावटी सामान के लुभावने विज्ञापन दिखाकर ठगी करना।
- फर्जी QR कोड और UPI अनुरोध: कैशबैक या गिफ्ट के नाम पर QR कोड स्कैन करवाकर या पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करवाकर खाते से पैसे निकालना।
- कैशबैक और रिवॉर्ड स्कैम: बैंक या शॉपिंग प्लेटफॉर्म का इनाम बताकर लिंक खुलवाना और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ठगी करना।
- डिलीवरी स्कैम: पार्सल रुकने या डिलीवरी दोबारा कराने के नाम पर मामूली चार्ज मांगकर फर्जी लिंक पर डिटेल्स भरवाना।
- फर्जी कस्टमर केयर: रिफंड या शिकायत सुलझाने के बहाने स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाकर वित्तीय धोखाधड़ी करना।
- लकी ड्रॉ और गिफ्ट फ्रॉड: महंगे उपहार या इनाम जीतने का झांसा देकर पर्सनल डिटेल्स और टैक्स के नाम पर पैसे ऐंठना।
- फेक सेलर्स: सोशल मीडिया पर खुद को सेलर बताकर एडवांस पेमेंट लेना और बाद में संपर्क बंद करना।
- व्हाट्सएप मैसेज स्कैम: दिवाली ऑफर या शुभकामना संदेश के बहाने संदिग्ध लिंक या APK फाइल फॉरवर्ड करवाना।
सुरक्षा के छह बुनियादी नियम
साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है:
- केवल आधिकारिक और भरोसेमंद वेबसाइट्स या ऐप्स से ही खरीदारी करें।
- असामान्य रूप से कम कीमत या भारी छूट वाले विज्ञापनों से सतर्क रहें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन (UPI PIN) या सीवीवी (CVV) शेयर न करें।
- कैशबैक या पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन न करें या पिन न डालें।
- अनजान नंबरों से आए डिलीवरी या ऑफर के लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
- रिफंड के नाम पर किसी को भी अपने फोन का रिमोट एक्सेस न दें।
फ्रॉड होने पर क्या करें?
यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है। पीड़ित व्यक्ति तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है या नजदीकी पुलिस स्टेशन व बैंक से संपर्क किया जा सकता है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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