शिक्षा

लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम को बंद करने के फैसले पर वरिष्ठ शिक्षाविदों और प्रोफेसरों ने जताई चिंता

· GlobeWire Daily Education Desk · Source: www.theguardian.com

लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम को बंद करने के फैसले पर वरिष्ठ शिक्षाविदों और प्रोफेसरों ने जताई चिंता

चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons

यह खबर शेयर करें
मुख्य बातें लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम को खत्म करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग यूके के विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षाविदों और शास्त्रीय अध्ययन (क्लासिकल स्टडीज) से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिक्षा सचिव से लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम (Latin Excellence Programme

लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम को खत्म करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग

यूके के विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षाविदों और शास्त्रीय अध्ययन (क्लासिकल स्टडीज) से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिक्षा सचिव से लैटिन एक्सीलेंस प्रोग्राम (Latin Excellence Programme) की फंडिंग समाप्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। शिक्षाविदों ने इस कदम को एक बड़ी चूक बताते हुए सरकार से इस मामले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।

कार्यक्रम की सफलता और छात्रों पर प्रभाव

खुले पत्र के माध्यम से अपनी बात रखते हुए शिक्षाविदों ने बताया कि यह कार्यक्रम शैक्षणिक प्रावधानों में समान अवसर सुनिश्चित करने के सरकारी उद्देश्य को पूरा करने में सफल रहा है। वर्तमान में 40 गैर-चयनात्मक राज्य विद्यालय (non-selective state schools) इस योजना के दायरे में हैं, जिनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में स्थित हैं।

इस योजना के तहत 5,000 से अधिक छात्र लैटिन की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से एक तिहाई से अधिक विद्यार्थी निःशुल्क स्कूल भोजन (free school meals) के पात्र हैं। शिक्षाविदों के अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि योजना का संचालन बेहद प्रभावी ढंग से किया जा रहा था। लैटिन भाषा न केवल छात्रों को चुनौती देती है और प्रेरित करती है, बल्कि यह उन्हें अंग्रेजी शब्दों की जड़ों, इतिहास, पुरातत्व और कला से भी परिचित कराती है।

बीच सत्र में फंडिंग रोकने पर निराशा

शिक्षाविदों ने इस बात पर विशेष दुख जताया है कि इस कार्यक्रम की फंडिंग को शैक्षणिक वर्ष के बीच में ही समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से की स्टेज 4 (Key Stage 4) के उन छात्रों का हवाला दिया है जो वर्तमान में जीसीएसई (GCSE) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कम से कम इस शैक्षणिक वर्ष के अंत तक इस कार्यक्रम को जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।

व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी

यह रिपोर्ट द गार्डियन में प्रकाशित एक खुले पत्र पर आधारित है, जिस पर प्रो. कैथरीन एडवर्ड्स (बर्कबेक, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन), प्रो. रॉय गिब्सन (डरहम यूनिवर्सिटी और द रोमन सोसाइटी), प्रो. कैथरीन हारलो (इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल स्टडीज), प्रो. ल्यूलिन मॉर्गन (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी), प्रो. लॉरेंस टोटेलिन (कार्डिफ यूनिवर्सिटी और वीमेंस क्लासिकल कमेटी) और प्रो. फिरोज वासुनिया (यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन) सहित प्रमुख शिक्षाविदों के हस्ताक्षर हैं।

पुष्ट तथ्य बनाम अनिश्चितताएं:

  • पुष्ट तथ्य: शिक्षाविदों ने सरकार से फंडिंग समाप्त करने के फैसले को पलटने की अपील की है; यह कार्यक्रम 40 गैर-चयनात्मक राज्य स्कूलों में चल रहा था जिसमें 5,000 से अधिक छात्र शामिल थे; फंडिंग को बीच सत्र में रोका गया है।
  • अज्ञात/अनिर्णित: सरकार की ओर से इस अपील पर अंतिम प्रतिक्रिया या भविष्य की नीति में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।

पाठक मूल विवरण और आधिकारिक घोषणा की सत्यता की जांच के लिए द गार्डियन की वेबसाइट पर प्रकाशित मूल पत्र देख सकते हैं: [The Guardian Source](https://www.theguardian.com/education/2025/jan/12/axing-the-latin-excellence-scheme-a-classic-mistake)।

मूल स्रोत पढ़ें: double quotation mark Axing the Latin excellence scheme: a classic mistake

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लेखक के बारे में

GlobeWire Daily Education Desk — प्रकाशित स्रोतों पर आधारित AI-सहायता प्राप्त खबरें।

और पढ़ें