छत्तीसगढ़ सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में की कटौती
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छत्तीसगढ़ में सुरक्षा कटौती का विवरण
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद राज्य के लगभग 400 नेताओं की सुरक्षा में कटौती करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, नेताओं की सुरक्षा घटाने का निर्णय लिया जा चुका है और इसकी अंतिम सूचना जारी होना अभी बाकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार एक साथ पूरी सुरक्षा हटाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से सुरक्षा का स्तर कम कर रही है। इसके तहत सुरक्षा का स्तर एक ग्रेड कम किया गया है। जिन लोगों को Z+ सुरक्षा प्राप्त थी, उन्हें Z श्रेणी में, Z श्रेणी वालों को Y+ श्रेणी में और Y+ श्रेणी वालों की सुरक्षा को Y श्रेणी में किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी छह महीनों में सुरक्षा स्तर की पुनः समीक्षा की जाएगी।
संसाधन और संभावित बचत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में 1,550 से अधिक पुलिसकर्मी और 500 से ज्यादा वाहन तैनात रहे हैं। इन सुरक्षा व्यवस्थाओं, जवानों की तैनाती और वाहनों पर प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये का खर्च आने की बात सामने आई है। सुरक्षा में कटौती होने से इस खर्च में कमी आने और पुलिसकर्मियों को फील्ड ड्यूटी पर वापस भेजने की बात कही जा रही है।
बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों के कारण अतीत में बड़ी संख्या में बल तैनात किया गया था। अकेले बस्तर क्षेत्र में 250 से अधिक नेताओं की सुरक्षा के लिए 1,000 से ज्यादा जवान तैनात बताए गए हैं।
प्रमुख नेता और पृष्ठभूमि
सुरक्षा प्राप्त करने वाले प्रमुख राजनीतिक शख्सियतों में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप, पूर्व सांसद चंदन कश्यप, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, वरिष्ठ भाजपा नेता महेश गागड़ा, बस्तर राज परिवार के सदस्य प्रवीर चंद भंजदेव और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह (जिन्हें केंद्र से सुरक्षा प्राप्त है) शामिल हैं। ऐतिहासिक रूप से बस्तर संवेदनशील क्षेत्र रहा है, जहां जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
सत्यापन और व्यावहारिक निहितार्थ
इस प्रशासनिक निर्णय और आधिकारिक आदेशों की पुष्टि के लिए छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचनाओं की जांच की जा सकती है। आधिकारिक बजट दस्तावेजों और प्रशासनिक बुलेटिन के माध्यम से इस प्रकार के नीतिगत बदलावों को सत्यापित किया जा सकता है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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