गुजरात एकीकृत डेयरी विकास योजना: आदिवासी महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और समर्थन
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गुजरात एकीकृत डेयरी विकास योजना का परिचय
गुजरात एकीकृत डेयरी विकास योजना, जिसे एकीकृत डेयरी विकास परियोजना (IDDP) के रूप में भी जाना जाता है, गुजरात सरकार के आदिवासी विकास विभाग की एक आजीविका पहल है। इसे वर्ष 2007-08 में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन बसर करने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) परिवारों के लिए शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी महिलाओं के लिए डेयरी फार्मिंग को एक पूर्णकालिक और स्थायी आय का साधन बनाना है।
इस योजना का क्रियान्वयन गुजरात विकास सहायता एजेंसी (D-SAG) द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में किया जाता है, जो पात्र परिवारों को डेयरी इकाइयां स्थापित करने में मदद करती है।
वित्तीय सहायता और इकाई लागत
योजना के तहत प्रति लाभार्थी कुल इकाई लागत ₹90,000 निर्धारित की गई है। इस राशि का वित्तीय ढांचा इस प्रकार है:
- ऋण: गुजरात आदिवासी विकास निगम (GTDC) द्वारा ₹29,000 का ऋण।
- केंद्रीय सब्सिडी: भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित ₹29,000 की सब्सिडी।
- राज्य सहायता: गुजरात सरकार द्वारा ₹29,000 की सहायता।
- लाभार्थी का अंशदान: आवेदक द्वारा मात्र ₹3,000 का योगदान।
वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है। GTDC ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज लागू होता है और वितरण के तीन महीने बाद 30 समान मासिक किस्तों में पुनर्भुगतान करना होता है।
मुख्य लाभ और सहायता सेवाएं
योजना के तहत लाभार्थियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:
- अच्छी नस्ल के दुधारू पशु।
- इकाई लागत के अंतर्गत पशु बीमा कवरेज।
- परिवहन सहायता, पशु आहार और पशु चिकित्सा सेवाएं।
- वैज्ञानिक डेयरी प्रथाओं पर प्रशिक्षण।
- जिला दुग्ध सहकारी संघों के माध्यम से दूध का सुनिश्चित बाजार।
पात्रता मापदंड
एकीकृत डेयरी विकास योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक महिला होनी चाहिए।
- आवेदक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित होनी चाहिए।
- आवेदक परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में होना चाहिए (विशेष रूप से 0 से 20 BPL स्कोर)।
- आवेदक गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों या संबंधित ग्राम समूहों की निवासी होनी चाहिए।
- आवेदक किसान, पशुपालक या स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला होनी चाहिए जो दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की सदस्य हो।
आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन D-SAG सहाय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाते हैं:
- पोर्टल पर मोबाइल नंबर और राशन कार्ड विवरण के साथ पंजीकरण करें।
- उपलब्ध योजनाओं की सूची में से एकीकृत डेयरी विकास योजना का चयन करें।
- अपने व्यक्तिगत और बैंक विवरण दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
सत्यापन और चयन प्रक्रिया D-SAG और संबंधित जिला dairies द्वारा पारदर्शी तरीके से पूरी की जाती है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर दिशा-निर्देशों की जांच अवश्य कर लें।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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