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चीन पर निर्भरता कम करने की तैयारी: सरकार ने 120 उत्पादों के स्वदेशी निर्माण के लिए बनाई रणनीति

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· GlobeWire Daily Public Services Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

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मुख्य बातेंचालू वर्ष के पहले नौ महीनों में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस निर्भरता को कम करने के लिए सरकार ने देश में ही औद्योगिक विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के नेतृत्व में, सरकार ने 120 ऐसे महत्वपूर्ण उत्पादों की पहचान की है, जिनका आयात कम करके उन्हें…
अब नहीं चलेगी चीन की दादागीरी, देश में ही बनेंगे जरूरी प्रोडक्ट्स, सरकार ने की 120 आइटम्स की पहचान

चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की पहल

चालू वर्ष के पहले नौ महीनों में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस निर्भरता को कम करने के लिए सरकार ने देश में ही औद्योगिक विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के नेतृत्व में, सरकार ने 120 ऐसे महत्वपूर्ण उत्पादों की पहचान की है, जिनका आयात कम करके उन्हें भारत में ही निर्मित किया जाएगा।

प्रमुख पहचान किए गए क्षेत्र

इन 120 उत्पादों की सूची में शामिल प्रमुख वस्तुएं इस प्रकार हैं:

  • केमिकल्स और फार्मा: एसिटिक एसिड जैसे रसायन और फार्मास्युटिकल सामग्री।
  • औद्योगिक उपकरण: निर्माण उपकरण (कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट), क्रेन और मशीन टूल्स।
  • मेडिकल टेक्नोलॉजी: स्वास्थ्य सेवा से जुड़े तकनीकी उपकरण।
  • एयरोस्पेस और अन्य: रखरखाव, मरम्मत और परिचालन (MRO) से संबंधित उत्पाद।
  • कंज्यूमर गुड्स: फुटवियर वैल्यू चेन से जुड़ी वस्तुएं।

सरकार की तीन-स्तरीय रणनीति

रिपोर्टों के अनुसार, इन उत्पादों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाने के लिए सरकार तीन स्तरों पर काम कर रही है:

  1. अल्पकालिक सुरक्षा: पहचाने गए क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए सुरक्षात्मक उपाय करना, जैसा कि मोबाइल फोन निर्माण के शुरुआती दौर में किया गया था।
  2. इंसेंटिव: कंपनियों को 'कॉस्ट डिसएबिलिटी' (लागत संबंधी नुकसान) से उबारने के लिए कैपिटल इंसेंटिव या टर्नओवर-आधारित प्रोत्साहन देना।
  3. अनुसंधान और विकास (R&D): जिन उत्पादों के लिए तकनीक अभी देश में उपलब्ध नहीं है, उनके विकास के लिए अनुसंधान और तकनीक में निवेश करना।

यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का हिस्सा है। महामारी के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बाद, सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। सरकार पहले से ही PLI योजनाओं के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

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AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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