जुड़े हुए शर्करा को 21 दिन में छोड़ने से शरीर में क्या बदलता है, डॉ. श्रीराम नेने ने बताया
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: news.abplive.com

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परिचय
डॉ. श्रीराम नेने, हृदय‑फेफड़े के सर्जन और Pathfinder Health Sciences के संस्थापक, ने एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि अतिरिक्त शर्करा (added sugar) को तीन हफ़्ते तक कम करने से स्वाद, मस्तिष्क‑रिवॉर्ड प्रणाली और खाने की आदतों में कैसे परिवर्तन हो सकता है। यह जानकारी ABP Live के lifestyle सेक्शन में प्रकाशित हुई है।
डॉ. नेने की मुख्य बातें
- डोपामिन प्रभाव: डॉ. नेने ने कहा कि शर्करा मस्तिष्क में डोपामिन रिलीज़ को तेज़ करती है, जिससे “रिवॉर्ड” महसूस होता है और आदत बन जाती है।
- आदत‑भंग की प्रक्रिया: उन्होंने बताया कि धीरे‑धीरे अतिरिक्त शर्करा को हटाने से शरीर इस रिवॉर्ड सिग्नल से कम निर्भर हो जाता है।
- स्वाद में बदलाव: सात, चौदह और इक्कीस दिनों के बाद स्वाद की तीव्रता में क्रमिक परिवर्तन देखे जा सकते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत अंतर पर निर्भर करता है।
21‑दिन की योजना (डॉ. नेने के अनुसार)
| अवधि | अपेक्षित परिवर्तन (डॉ. नेने के अनुसार) | |------|----------------------------------------| | पहला हफ़्ता (0‑7 दिन) | अतिरिक्त शर्करा न लेने पर स्वाद में हल्का बदलाव महसूस हो सकता है। | | दूसरा हफ़्ता (8‑14 दिन) | मिठास की इच्छा कम हो सकती है; कम शर्करा वाले भोजन को अधिक स्वीकार्य महसूस हो सकता है। | | तीसरा हफ़्ता (15‑21 दिन) | अतिरिक्त शर्करा की आदत लगभग समाप्त हो सकती है; डोपामिन प्रतिक्रिया में स्थिरता आ सकती है। |
> ध्यान दें: ये समय‑सीमा वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हैं; व्यक्तिगत आहार, जीवन‑शैली और शर्करा सेवन के स्तर के आधार पर परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
व्यावहारिक सुझाव
- बिना शर्करा के पेय: चाय, कॉफ़ी या अन्य पेय में अतिरिक्त चम्मच शर्करा न डालें; यदि मीठा चाहिए तो प्राकृतिक विकल्प (जैसे दालचीनी) अपनाएँ।
- लेबल पढ़ें: पैकेज्ड स्नैक्स, पेय और तैयार खाद्य पदार्थों में “added sugar”, “sucrose”, “fructose” आदि शब्दों की जाँच करें।
- प्राकृतिक शर्करा: फल, दूध आदि में मौजूद प्राकृतिक शर्करा को पूरी तरह हटाने की आवश्यकता नहीं है; ये फाइबर और पोषक तत्वों के साथ आती हैं।
- संतुलित दृष्टिकोण: “कभी‑कभी” शर्करा का सेवन स्वीकार्य है; डॉ. नेने ने कहा, “एक‑दो बार indulgence से निराश न हों, खुद को दया दें।”
- छोटे‑छोटे कदम: अचानक पूरी शर्करा कटौती से बचें; धीरे‑धीरे मात्रा घटाएँ ताकि शरीर अनुकूल हो सके।
सत्यापन और आगे की जानकारी
- मूल स्रोत: यह विवरण ABP Live के लेख *“Dr Sriram Nene Explains What Happens When You Quit Added Sugar For 21 Days”* (URL: https://news.abplive.com/lifestyle/dr-sriram-nene-explains-what-happens-when-you-quit-added-sugar-for-21-days-1874102) से लिया गया है।
- साक्षात्कार का स्वरूप: डॉ. नेने की बातें एएनआई द्वारा प्रकाशित एक इंटरव्यू वीडियो/ट्रांसक्रिप्ट में प्रस्तुत हैं; लेख में सीधे उद्धरण नहीं हैं, इसलिए शब्दशः उद्धरण नहीं दिया गया।
- वैज्ञानिक समर्थन: डोपामिन‑शर्करा संबंध पर कई न्यूरोसाइंस अध्ययन मौजूद हैं, परन्तु 7‑14‑21 दिन की विशिष्ट समय‑सीमा पर अभी तक व्यापक सहमति नहीं है।
- पुष्टि के उपाय: पाठक स्वयं अपने भोजन लेबल की जाँच कर, शर्करा सेवन को ट्रैक करके, और 3‑सप्ताह के बाद स्वाद में बदलाव नोट करके इस सलाह की व्यक्तिगत वैधता जांच सकते हैं।
निष्कर्ष
डॉ. श्रीराम नेने ने बताया कि अतिरिक्त शर्करा को तीन हफ़्ते तक धीरे‑धीरे हटाने से डोपामिन‑आधारित “रिवॉर्ड” प्रतिक्रिया कम हो सकती है और स्वाद की प्राथमिकता बदल सकती है। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत विविधताओं के साथ चलती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझते हुए छोटे‑छोटे कदम उठाने चाहिए। निरंतरता, लेबल पढ़ना और कभी‑कभी की सहनशीलता इस परिवर्तन को स्थायी बनाने में मददगार हो सकते हैं।
--- *यह लेख केवल सूचना हेतु है; व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।*
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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