डीपवाटर होराइजन तेल रिसाव: एक दशक बाद भी मैक्सिको की खाड़ी के गहरे समुद्र में जारी है तबाही
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: www.wired.com

चित्र: Bob Berwyn — Creative Commons
नए वैज्ञानिक शोध के अनुसार, मैक्सिको की खाड़ी में 2011 के विशाल डीपवाटर होराइजन तेल और गैस रिसाव के एक दशक से अधिक समय बाद भी गहरा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र मंदी और संकट से जूझ रहा है। शोध में पाया गया है कि इस आपदा के बाद समुद्री जीवों की आबादी में भारी गिरावट आई है, जिसके उबरने के संकेत बेहद सीमित हैं।
'प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, रिसाव के बाद के साढ़े तीन वर्षों में ऑक्टोपस, क्रिल (समुद्री झींगा जैसा जीव), स्क्विड और झींगा जैसे जलीय जीवों की आबादी में 60 से 85 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। खाद्य श्रृंखला के महत्वपूर्ण आधार माने जाने वाले क्रिल और लालटेन मछली (लैंटेनफिश) इस तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले जीवों में शामिल थे। शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि इस भारी मुत्युदर के कारण जेनेटिक बॉटलनेक (आनुवंशिक बाधाएं) पैदा हो रही हैं, जो भविष्य में पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार को और अधिक बाधित कर सकती हैं।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष और कारण
वैज्ञानिकों ने इस घटना को पृथ्वी के सबसे बड़े पारिस्थितिकी तंत्र में दर्ज 'सबसे तेज़ और सबसे गंभीर जीव गिरावट' के रूप में चिन्हित किया है। पानी के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर जैसे अन्य संभावित कारणों को खारिज करने के बाद, शोधकर्ताओं ने डीपवाटर होराइजन के कुएं के फटने को ही इस पारिस्थितिकी तंत्र के पतन की सबसे स्पष्ट वजह माना है।
यह आपदा 20 अप्रैल 2010 को हुई थी, जब मिसिसिपी डेल्टा से लगभग 50 मील दक्षिण-पूर्व में बीपी (BP) का एक ट्रांसओसैनिक ड्रिलिंग रिग फट गया था। इस विस्फोट और आग में 11 लोगों की जान चली गई थी और इतिहास का सबसे बड़ा समुद्री तेल रिसाव हुआ था। लगभग एक मील की गहराई से 87 दिनों तक लगातार तेल और गैस का रिसाव होता रहा, जिससे लगभग 49 लाख बैरल तेल समुद्र में फैल गया। इसके अलावा, गहरे समुद्र में लगभग 7.7 अरब क्यूबिक फीट जीवाश्म गैस भी छोड़ी गई थी।
व्यापक प्रभाव और अनिश्चितताएं
अध्ययन के मुख्य लेखक और फ्लोरिडा में नोवा साउथईस्टर्न यूनिवर्सिटी के समुद्री और पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर ट्रेसी सटन के अनुसार, इस आपदा के प्रभाव लगातार बने हुए हैं। 2024 के एक अन्य अध्ययन में गहरी गोता लगाने वाली दाँतदार व्हेल (toothed whales) की आबादी में 80 प्रतिशत की गिरावट पाई गई थी। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि लंबे समय तक बचे रहे प्रदूषक कुछ प्रजातियों के जीवों की गंध की तीव्र क्षमता को बाधित कर रहे हैं, जिससे उन्हें अंधेरे में साथी खोजने में परेशानी हो रही है।
इस अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने 2011 के बेसलाइन डेटा की तुलना 2015 से 2023 के बीच किए गए नौ अलग-अलग सर्वेक्षणों से की। शोधकर्ताओं ने नेट हॉल (जाल के जरिए नमूने लेना), ध्वनिक सर्वेक्षण (एकाउस्टिक सर्वे) और आनुवंशिक नमूने—इन तीन अलग-अलग तरीकों से डेटा जुटाया, जो इस निष्कर्ष को बेहद मजबूत आधार प्रदान करते हैं। मोंटेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक ब्रूस रॉबिसन (जो इस अध्ययन में शामिल नहीं थे) ने कहा कि यह शोध बेहद व्यापक है और जनता को यह समझने की आवश्यकता है कि यह तेल रिसाव कितना विनाशकारी था।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठक कैसे जांच करें
- पुष्ट तथ्य: मैक्सिको की खाड़ी के गहरे हिस्सों में जलीय जीवों (ऑक्टोपस, क्रिल, स्क्विड आदि) की संख्या में 60 से 85 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह प्रभाव 10 साल बाद भी देखा जा रहा है।
- अज्ञात और अनिश्चितताएं: पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से कब तक और किस सीमा तक उबर पाएगा, यह अभी अनिश्चित है, क्योंकि जेनेटिक और दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव अभी भी पूरी तरह समझे नहीं जा सके हैं।
- तुलना और संदर्भ: वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह के गहरे समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र भविष्य में प्रस्तावित गहरे समुद्र के खनन (deep-sea mining) जैसी अन्य मानवीय गतिविधियों के प्रति भी बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।
- सत्यापन: पाठक इस मूल शोध और रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी के लिए वायर्ड (WIRED) पर प्रकाशित मूल लेख और 'प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' के आधिकारिक अध्ययन का संदर्भ ले सकते हैं।
मूल शोध विवरण और विस्तृत रिपोर्ट के लिए पाठक इस आधिकारिक स्रोत को देख सकते हैं: [Wired Source](https://www.wired.com/story/oil-spills-wreak-havoc-on-the-bottom-of-the-ocean-even-a-decade-later/)
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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