धनतेरस के बाद भोपाल की हवा बिगड़ी, एक्यूआई 197 पर पहुंचा; दिवाली पर प्रदूषण बढ़ने की आशंका
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.amarujala.com

चित्र: Amar Ujala · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation
भोपाल में वायु गुणवत्ता की स्थिति
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धनतेरस के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़ और वाहनों की आवाजाही के बाद हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन गई है। टीटी नगर मॉनिटरिंग स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार, 7 नवंबर की सुबह पांच बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 197 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी का ऊपरी स्तर है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह हवा सामान्य नहीं है और इससे संवेदनशील लोगों को सांस संबंधी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, रविवार, 8 नवंबर को दीपावली के दिन पटाखे जलने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
प्रमुख प्रदूषकों के आंकड़े
मॉनिटरिंग स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न तत्वों की स्थिति इस प्रकार रही:
- पीएम 2.5: 197 (सबसे अधिक, हवा में मौजूद महीन कण चिंता का कारण)
- पीएम 10: 160
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड: 59
- ओजोन: 18
- सल्फर डाइऑक्साइड: 23
- कार्बन मोनोऑक्साइड: 70
प्रदूषण के संभावित कारण और दीपावली का अनुमान
शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर न्यू मार्केट, चौक बाजार, एमपी नगर और पुराने शहर के इलाकों में खरीदारों की भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ा था। वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल और निर्माण गतिविधियां प्रदूषण बढ़ाने वाले संभावित कारणों में शामिल हैं।
दीपावली पर एक्यूआई कितने अंक तक पहुंचेगा, इसका सटीक आंकड़ा पहले से बताना संभव नहीं है, क्योंकि यह पटाखों की मात्रा, हवा की रफ्तार, दिशा और वातावरण में फैलाव पर निर्भर करता है। हालांकि, व्यापक रूप से पटाखे चलाए जाने और रात में हवा की गति धीमी रहने पर प्रदूषण के कणों के लंबे समय तक वातावरण में बने रहने की आशंका है।
एक्यूआई के छह स्तर
- 0 से 50 (अच्छा): हवा साफ, स्वास्थ्य पर बहुत कम असर।
- 51 से 100 (संतोषजनक): सामान्य लोगों को विशेष परेशानी नहीं।
- 101 से 200 (मध्यम): अस्थमा और सांस के मरीजों को परेशानी हो सकती है।
- 201 से 300 (खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
- 301 से 400 (बहुत खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
- 401 से 500 (गंभीर): स्वस्थ लोगों पर भी असर, पहले से बीमार लोगों के लिए गंभीर स्थिति।
संवेदनशील लोगों के लिए सावधानियां
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण बढ़ने पर खुले में ज्यादा देर रहने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे पटाखों के धुएं के आसपास खड़े होने से बचें और सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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