वेल्स में हाइपरस्केल डेटासेंटर के विस्तार और स्थानीय विरोध की अनकही कहानी
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चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons
वेल्स में डेटासेंटर निर्माण और स्थानीय चिंताएं
वेल्स के न्यूपोर्ट और कार्डिफ जैसे शहरों में विशाल हाइपरस्केल डेटासेंटर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और तकनीकी दिग्गजों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। एआई (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण अमेरिकी टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार कर रही हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं के कारण स्थानीय निवासियों को धूप की कमी, लगातार शोर और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है।
पृष्ठभूमि और ऊर्जा की मांग
ब्रिटेन में राष्ट्रीय ग्रिड पर 315 हाइपरस्केल डेटासेंटर के जुड़ने की प्रतीक्षा है। इन केंद्रों को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है, जो पारंपरिक ऊर्जा मांगों से कहीं अधिक है। लंदन के बाहर वेल्स डेटासेंटर क्षमता के मामले में सबसे बड़े हॉटस्पॉट में से एक है। सरकार इसे एक अनिवार्य आर्थिक क्रांति मानती है, वहीं स्थानीय लोग इसे संसाधन-हड़पने वाला और पर्यावरण को प्रदूषित करने वाला उद्योग मानते हैं जिसके लाभ स्थानीय आबादी तक नहीं पहुंचते हैं।
कार्डिफ का मामला और गैस टरबाइन विवाद
कार्डिफ के पूर्वी छोर पर, अस्पताल के पार्क-एंड-राइड क्षेत्र को डेटासेंटर डेवलपर कर्टिस हॉल को बेचने की योजना का भारी विरोध हो रहा है। योजना के अनुसार, इस सुविधा को ऊर्जा देने के लिए अस्थायी रूप से सात विशाल गैस टरबाइन लगाए जाने की उम्मीद है, जिससे नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक तत्व हवा में घुलने की आशंका जताई जा रही है। डेवलपर्स का दावा है कि सभी उत्सर्जन पर्यावरण और जनस्वास्थ्य नियमों के दायरे में होंगे, लेकिन निवासियों में स्वास्थ्य और संपत्ति के अवमूल्यन को लेकर डर बना हुआ है।
व्यावहारिक निहितार्थ और भविष्य के अनिश्चित पहलू
- पुष्टि किए गए तथ्य: वेल्स में डेटासेंटर की क्षमता बढ़ रही है, और कार्डिफ तथा न्यूपोर्ट में स्थानीय स्तर पर हजारों योजना आपत्तियां और विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।
- अज्ञात पहलू: यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में जब सभी डेटासेंटर पूरी क्षमता से चालू होंगे, तो स्थानीय वायु गुणवत्ता और ऊर्जा ग्रिड पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा।
- पाठकों के लिए सत्यापन: मूल घोषणा और आधिकारिक विवरण के लिए पाठक 'द गार्डियन' पर प्रकाशित मूल रिपोर्ट (https://www.theguardian.com/technology/2026/oct/24/the-datacentre-on-the-frontline-of-techs-latest-david-v-goliath-battle) देख सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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