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प्रवर्तन निदेशालय ने नागपुर के बिल्डर पर मारा छापा, 1.95 करोड़ रुपये नकद किए जब्त

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· GlobeWire Daily Sports Desk · Source: news.abplive.com

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मुख्य बातेंमहाराष्ट्र के नागपुर जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रयाग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के मालिक शशांक गोविंद प्रसाद पांडे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 1.95 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की है और 40 लाख रुपये से अधिक के बैंक खातों को फ्रीज किया है।
Subsequently, outstanding dues of Rs 12.84 crore emerged, following which proceedings were initiated under the SARFAESI Act.

चित्र: Suraj Ojha · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

नागपुर में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई

महाराष्ट्र के नागपुर जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रयाग डेवलपर्स एंड बिल्डर्स के मालिक शशांक गोविंद प्रसाद पांडे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 1.95 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की है और 40 लाख रुपये से अधिक के बैंक खातों को फ्रीज किया है।

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की ऐसी अचल संपत्तियों की भी पहचान की है, जिनके बारे में संदेह है कि इन्हें अपराध से अर्जित आय के जरिए खरीदा गया था।

धोखाधड़ी और भूमि सौदों के आरोप

यह जांच नागपुर के अजनी और राणा प्रताप नगर पुलिस स्टेशनों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है।

  • बुजुर्ग महिला से धोखाधड़ी का मामला: पांडे पर एक बुजुर्ग विधवा से 9.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने महिला की जमीन विकसित करने के बदले 1.75 करोड़ रुपये और 14 आवासीय फ्लैट देने का समझौता किया था। आरोप है कि बिना सहमति के दस्तावेज रद्द कर फ्लैटों को अन्य पक्षों को बेच दिया गया और लगभग 8.93 करोड़ रुपये का निजी लाभ कमाया गया।
  • परियोजना में अनियमितताएं: जांच में 'दिव्या प्रयाग अपार्टमेंट' परियोजना में भी वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है, जहां 22 फ्लैटों को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) के पास गिरवी रखा गया था। पांडे पर बिना एनओसी (NOC) लिए और खरीदारों से गिरवी की बात छुपाकर इन फ्लैटों को बेचने का आरोप है।

सत्यापन और व्यावहारिक निहितार्थ

इस जांच के आधिकारिक विवरण को सत्यापित करने के लिए पाठक प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों या कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सत्यापित माध्यमों की मदद ले सकते हैं। चूंकि यह एक चल रही वित्तीय जांच है, इसलिए आगे की कानूनी कार्यवाही अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। इस स्तर पर आरोपी के खिलाफ कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।

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मूल स्रोत पढ़ें: Cities ED Raids Nagpur Builder Over Rs 9.40-Crore Widow Fraud, Seizes Rs 1.95 Crore Cash

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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