दिल्ली में यमुना की सफाई के दावों पर भाजपा और आप के बीच राजनीतिक विवाद
· GlobeWire Daily Sports Desk · Source: news.abplive.com

चित्र: ABP Live News · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation
यमुना सफाई के दावे और राजनीतिक टकराव
छठ पूजा से पहले यमुना नदी के एक बड़े हिस्से की सफाई को लेकर भाजपा सांसद मनोज तिवारी के दावों ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एक तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
मनोज तिवारी का दौरा और दावे
- डुबकी और जल सेवन: भाजपा लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने सोनिया विहार घाट का दौरा किया, यमुना में डुबकी लगाई और नदी का पानी पीते हुए अपना एक वीडियो साझा किया।
- सफाई का दायरा: तिवारी ने दावा किया कि पिछले एक साल में दिल्ली से बहने वाले 58 किलोमीटर लंबे यमुना के हिस्से में से लगभग 30 किलोमीटर (यानी आधे से अधिक) की सफाई कर दी गई है।
- श्रेय: उन्होंने इन प्रयासों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा को दिया।
- जैविक विविधता और बुनियादी ढांचा: तिवारी ने पर्यावरण में सुधार के संकेत के रूप में पक्षियों की उपस्थिति का उल्लेख किया और छठ पूजा के लिए अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी घाटों व तालाबों के निर्माण की मांग की।
आप के जवाबी आरोप
- ऐतिहासिक स्वच्छता: आप नेता सौरभ भारद्वाज ने तिवारी के दावों का खंडन करते ہوئے तर्क दिया कि पल्ला से वज़ीराबाद के बीच का 26 किलोमीटर का हिस्सा ऐतिहासिक रूप से अपेक्षाकृत साफ रहा है।
- नालों का प्रभाव: भारद्वाज ने दावा किया कि सिग्नेचर ब्रिज के पास नजफगढ़ नाले के मिलने के बाद ही प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है।
- पानी छोड़े जाने का दावा: आप नेता ने आरोप लगाया कि सुधार का यह अहसास हरियाणा सरकार द्वारा हथनिकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण हुआ है, जैसा कि पिछले त्योहारों के दौरान भी देखा गया था।
- खुली चुनौती: भारद्वाज ने मनोज तिवारी और जल मंत्री प्रवेश वर्मा को कालिंदी कुंज घाट पर यमुना का पानी पीने की चुनौती दी।
केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए नदी के कथित रूप से साफ पानी में दोनों के बीच तैराकी प्रतियोगिता का सुझाव दिया।
मूल घोषणाओं की सत्यता कैसे जांचें
नदी के प्रदूषण के स्तर और सफाई पहलों से संबंधित आधिकारिक दावों की पुष्टि के लिए नागरिकों और शोधकर्ताओं को केवल राजनीतिक बयानों या सोशल मीडिया वीडियो पर निर्भर रहने के बजाय दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) या आधिकारिक नगर निकायों द्वारा जारी रिपोर्टों और आंकड़ों की जांच करनी चाहिए।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
संबंधित खबरें
प्रकाशन के समय उपलब्ध संबंधित रिपोर्ट।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज
सरकारी योजनाओं की रिपोर्ट के लिए अपर्याप्त स्रोत सामग्री
मेक्सिकन ग्रां प्री: लुईस हैमिल्टन ने फेरारी के साथ हासिल की पहली पोल पोजीशन
लुईस हैamilton ने मैक्सिकन जीपी में फेरारी के लिए हासिल की पहली पोल पोजीशन
जामिया मिल्िया इस्लामिया ने छात्र संघ संविधान और चुनावों के लिए निर्धारित की समय-सीमा
प्रवर्तन निदेशालय ने नागपुर के बिल्डर पर मारा छापा, 1.95 करोड़ रुपये नकद किए जब्त