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भारत के भूतिया पर्यटन: अछूते किलों से लेकर बाजार की संभावनाएँ

· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

भारत के भूतिया पर्यटन: अछूते किलों से लेकर बाजार की संभावनाएँ

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मुख्य बातें परिचय भारत में अनेक ऐसी जगहें हैं जिनके भूतिया होने के किस्से प्रचलित हैं, लेकिन केवल कुछ ही पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित हुई हैं। भारत के किलों, गांवों और अछूते स्थलों की कहानियाँ पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ी संभावना प्रतीत होती हैं, लेकिन इन्हें व्यावहारिक पर्यटन

परिचय

भारत में अनेक ऐसी जगहें हैं जिनके भूतिया होने के किस्से प्रचलित हैं, लेकिन केवल कुछ ही पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित हुई हैं। भारत के किलों, गांवों और अछूते स्थलों की कहानियाँ पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ी संभावना प्रतीत होती हैं, लेकिन इन्हें व्यावहारिक पर्यटन अनुभवों में बदलने के लिए एक ठोस ढांचे की आवश्यकता है।

बाजार की स्थिति

वैश्विक डार्क टूरिज्म बाजार के आंकड़े इस क्षेत्र की विकास क्षमता को दर्शाते हैं:

  • पुष्टि जानकारी: ग्रैंड विज़न रिसर्च ने 2023 में वैश्विक बाजार के $31.8 बिलियन होने का अनुमान लगाया है, जो 2026 तक $34.2 बिलियन हो जाएगा। डेटाएन्टोलो के अनुसार, भूतिया पर्यटन बाजार 2025 में $2.9 बिलियन है, जो 2034 तक $5.7 बिलियन हो जाएगा।
  • अनिश्चितता: ये बाजार के अनुमान हैं, वास्तविक राशियाँ अभी तक साबित नहीं हुई हैं।

भारतीय स्थल: पहले से ही मौजूद

भारत के कुछ प्रसिद्ध भूतिया स्थल हैं जिनका इतिहास और किस्से पर्यटन आकर्षण का हिस्सा बन चुके हैं:

  • कुलधारा (राजस्थान): राजस्थान सरकार द्वारा 'भूतिया गांव' के रूप में प्रचारित, 19वीं शताब्दी में छोड़ा गया गांव। यह जैसलमेर से लगभग 17 किलोमीटर दूर है।
  • भंगार देवी (अलवर): अक्सर भारत के सबसे भूतिया स्थलों में से एक माना जाता है, जिसकी दो प्रसिद्ध कथाएँ हैं।

वर्तमान पहल

भारत में भूतिया पर्यटन को पैकेज करने की कोशिशें जारी हैं:

  • दिल्ली पर्यटन: मालचा महल और फिरोज शाह कोटला में भूतिया विरासत पैदल यात्राएं।
  • उत्सव पोर्टल: भूतिया पैदल यात्राएं, जिसका आयोजन दिल्ली-आधारित एनरूट इंडियन हिस्ट्री करती है।

स्थानीय समुदाय की चिंता

भूतिया पर्यटन के विकास के साथ स्थानीय समुदाय को पर्यटन से लाभ नहीं मिला है। कुलधारा में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह कितना लाभ पहुंचाता है। स्थानीय लोग ओझल किस्सों के संरक्षक हैं, लेकिन उन्हें इनका मुनाफा भी मिले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।

व्यावहारिक निहितार्थ और सत्यापन

  • देश और मौसम: भारत। यात्रा के लिए सर्दी का मौसम उपयुक्त है।
  • प्रमाणीकरण: राजस्थान पर्यटन, दिल्ली पर्यटन और उत्सव पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइटों से सत्यापित करें।
  • प्रस्थान और परिवहन: जैसलमेर और अलवर जैसे स्थलों तक पहुँचने के लिए स्थानीय बसों और टैक्सियों का सहारा लें।
  • सुरक्षा और प्रवेश: भंगार देवी और कुलधारा जैसे स्थलों पर सुबह और शाम को प्रवेश प्रतिबंधित है। यात्रा करने से पहले आधिकारिक सलाह लें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
मूल स्रोत पढ़ें: Haunted, but hardly explored: India's untapped ghost-tourism economy

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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