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दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे डेटा सेंटर: भारी बिजली खपत और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच क्यों हो रहा है विरोध?

· GlobeWire Daily Business Desk · Source: www.bbc.co.uk

दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे डेटा सेंटर: भारी बिजली खपत और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच क्यों हो रहा है विरोध?

चित्र: www.bbc.co.uk — Creative Commons

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मुख्य बातें डेटा सेंटर बूम और वैश्विक विस्तार हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के साथ दुनिया भर में डेटा सेंटर्स का जाल तेजी से फैला है। डेटा सेंटर मैप के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में लगभग 12,250 डेटा सेंटर मौजूद हैं, जो 2021 के लगभग 8,000 सक्रिय स

डेटा सेंटर बूम और वैश्विक विस्तार

हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के साथ दुनिया भर में डेटा सेंटर्स का जाल तेजी से फैला है। डेटा सेंटर मैप के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में लगभग 12,250 डेटा सेंटर मौजूद हैं, जो 2021 के लगभग 8,000 सक्रिय स्थलों से काफी अधिक हैं। सबसे अधिक डेटा सेंटर अमेरिका में हैं, इसके बाद यूरोप (विशेषकर यूके और जर्मनी) का स्थान है। क्षमता के मामले में अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर है।

क्यों बढ़ रहा है सार्वजनिक विरोध?

इन विशाल गोदामनुमा इमारतों के कारण बिजली और पानी की भारी खपत होती है, जिससे स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि दुनिया भर के डेटा सेंटर फ्रांस जैसे देश से भी अधिक बिजली की खपत कर रहे हैं। इसके अलावा, कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि, स्थानीय ग्रिड पर दबाव, ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका, भारी शोर और जगह की कमी जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में असंतोष है। अमेरिका के 16 राज्यों में नए परिसरों पर प्रतिबंध लगाने या अस्थायी रूप से रोकने के लिए कानून प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा मैक्सिको, फ्रांस, इंडोनेशिया और यूके में भी इनका विरोध देखने को मिल रहा है।

आर्थिक लाभ और समर्थकों का पक्ष

समर्थकों का तर्क है कि डेटा सेंटर राष्ट्रीय सुरक्षा और AI के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। ये अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद हैं, जो निवेश आकर्षित करते हैं, कर राजस्व उत्पन्न करते हैं और निर्माण जैसे क्षेत्रों में नौकरियां पैदा करते हैं। ब्रुकिंग्स सेंटर की एक हालिया रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि अमेज़ॅन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के स्वामित्व वाले 'हाइपरस्केल'施設 अधिक स्थानीय नौकरियां पैदा करते हैं।

व्यावहारिक निहितार्थ और क्या सत्यापित है

यह स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स की संख्या और उनकी ऊर्जा मांग बढ़ रही है, जिसके चलते पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि, विरोध के बावजूद तकनीकी उद्योग बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च कर रहा है और अंतरिक्ष या चंद्रमा पर डेटा सेंटर स्थापित करने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।

पाठक मूल तथ्यों, वैश्विक आंकड़ों और आधिकारिक रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी के लिए बीबीसी न्यूज़ की मूल रिपोर्ट (https://www.bbc.co.uk/news/articles/cq2e9we7w2ejo) देख सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Big, noisy and coming to a town near you - why the data centre backlash is growing

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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