हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने गुरुग्राम और नूह के लिए एलेवेन पावर के समानांतर वितरण लाइसेंस पर लगाई रोक
· GlobeWire Daily Business Desk · Source: www.business-standard.com

चित्र: Business Standard — Creative Commons
लाइसेंस पर रोक और पृष्ठभूमि
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए एलेवेन पावर प्राइवेट लिमिटेड (EPPL) को गुरुग्राम और नूह जिलों के लिए दिए गए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के मामले में आगे की कार्यवाही न करने का निर्णय लिया है। आयोग ने 19 अक्टूबर को EPPL को 25 साल की अवधि के लिए यह लाइसेंस प्रदान किया था। हालांकि, इसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने आयोग को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं और सार्वजनिक हित पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी।
सरकारी हस्तक्षेप और कर्मचारियों का विरोध
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सरकारी बिजली वितरण कंपनी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के कर्मचारियों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन किए गए थे। DHBVN का अब तक इस क्षेत्र के बिजली वितरण नेटवर्क पर एकाधिकार रहा है। राज्य सरकार ने वित्तीय निहितार्थों, राजस्व और जनहित का हवाला देते हुए निर्देश दिया कि राज्य में कहीं भी कोई समानांतर वितरण लाइसेंस न तो बनाया जाए, न ही चालू किया जाए और न ही प्रभावी बनाया जाए।
आयोग का आदेश और EPPL की योजनाएं
आयोग द्वारा बुधवार को जारी आदेश के अनुसार, उसे 26 अक्टूबर को हरियाणा सरकार के आयुक्त और सचिव से निर्देश प्राप्त हुए थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों के बाद मामले में कोई सुनवाई या न्यायचर्या शेष नहीं रह जाती है। साथ ही, आयोग ने EPPL की अग्रिम सूचना और सुनवाई के अवसर की मांग को भी खारिज कर दिया।
EPPL ने अपनी योजना के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिना किसी भेदभाव के बिजली आपूर्ति करने और 2026-27 से 2030-31 के बीच पांच वर्षों में चरणों में 4,717 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करने का प्रस्ताव रखा था। इस नेटवर्क का निर्माण गुरुग्राम सबअर्बन, गुरुग्राम सिटी, मानेसर, सोहना और नूह डिवीजनों में किया जाना था और 2027-28 से बिजली आपूर्ति की योजना थी। इस व्यवस्था से क्षेत्र के 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलने की उम्मीद थी।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठक कैसे करें सत्यापन
- क्या कन्फर्म है: HERC ने राज्य सरकार के निर्देशों के बाद EPPL के समानांतर वितरण लाइसेंस पर रोक लगा दी है। सरकार ने उपभोक्ता हित और वित्तीय प्रभावों का हवाला देते हुए राज्य में ऐसे लाइसेंसों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
- क्या अज्ञात है: इस रोक के बाद भविष्य में निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए राज्य में प्रवेश के क्या विकल्प होंगे, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
- सत्यापन कैसे करें: पाठक मूल आधिकारिक आदेश और विस्तृत जानकारी के लिए [बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट](https://www.business-standard.com/industry/news/haryana-electricity-regulator-stays-parallel-distribution-licence-order-126102801846_1.html) और HERC की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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