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पाकिस्तान के कोर्ट ने इंग्लैंड के 2024 टेस्ट दौरे के दौरान सुरक्षा उल्लंघन के आरोप में मानवाधिकार वकीलों को 10 साल की सजा सुनाई
· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.indiatoday.in
मुख्य बातें

चित्र: India Today · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation
पृष्ठभूमि
- टीमें और प्रतियोगिता: इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के अंतिम मैच के लिए रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम जा रही थी।
- मैच की तिथि और समय क्षेत्र: टेस्ट 25 अक्टूबर 2024 को निर्धारित था, स्थानीय पाकिस्तान मानक समय (UTC+5)।
- फ़ॉर्मेट: पाँच‑दिवसीय टेस्ट; श्रृंखला का परिणाम अभी तय नहीं हुआ था जब कोर्ट का फ़ैसला आया।
सुरक्षा उल्लंघन का आरोप
पाकिस्तानी एंटी‑टेररिज्म अभियोजकों का कहना है कि 25 अक्टूबर 2024 को जोड़े – वकील इमान माज़ारी और उनके पति हादी अली चट्ठा – इंसाफ़ाबाद के ज़ीरो पॉइंट इंटरचेंज के पास सुरक्षा मार्ग को बाधित किया। आरोपपत्र में बताया गया कि उन्होंने ट्रैफ़िक अधिकारियों को टक्कर दी, बैरिकेड हटाए और भीड़ को हस्तक्षेप करने के लिए प्रेरित किया, जिससे इंग्लैंड टीम के आगमन से पहले “गंभीर सुरक्षा जोखिम” पैदा हुआ।
कोर्ट का फ़ैसला
- सज़ाएँ: माज़ारी और चट्ठा दोनों को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अतिरिक्त रूप से, अलग‑अलग आरोपों में सरकारी अधिकारियों को बाधित करने और उन पर हमला करने के लिए क्रमशः एक साल और दो साल की सज़ा भी दी गई; सभी सज़ाएँ समकालिक चलेंगी।
- फ़ैसले का स्थान: रावलपिंडी के एंटी‑टेररिज्म कोर्ट ने यह फ़ैसला सुनाया; दोनों पहले से ही अदीला जेल में बंद थे।
- क़ानूनी पृष्ठभूमि: इस जोड़े को 23 जनवरी 2024 को एक अलग केस में भी गिरफ्तार किया गया था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक अपराध अधिनियम के तहत 17 साल की सज़ा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने वह सज़ा स्थगित कर दी, पर उसी दिन सुरक्षा उल्लंघन केस में फिर से गिरफ्तार किया गया।
प्रतिक्रियाएँ
- परिवार का दावा: माज़ारी की माँ, पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन माज़ारी, ने रॉयटर्स को बताया कि दोनों को “सचेतनता के कैदी” कहा जा रहा है और उन्हें अपना वकील चुनने तथा आवश्यक कानूनी दस्तावेज़ प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी गई।
- सरकारी रुख: कानून मंत्री अज़ाम नज़ीर तरार ने कहा कि पाकिस्तान की न्यायपालिका स्वतंत्र है।
- आगे की कानूनी कार्रवाई: परिवार ने इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बताई है।
व्यावहारिक प्रभाव
- क्रिकेट सुरक्षा के लिए: यह मामला पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के दौरे के दौरान सुरक्षा की संवेदनशीलता को उजागर करता है, विशेषकर 2009 में लाहौर में श्रीलंका टीम पर हुए हमले के बाद। भविष्य में सुरक्षा एजेंसियां भीड़‑नियंत्रण प्रोटोकॉल को कड़ा कर सकती हैं।
- मानवाधिकार कार्य के लिए: इस सज़ा से अधिकार समूहों को चिंता है कि एंटी‑टेररिज्म कानून का उपयोग सक्रिय कार्यकर्ताओं के खिलाफ किया जा रहा है।
जानकारी की पुष्टि कैसे करें
- मुख्य स्रोत रॉयटर्स की रिपोर्ट है, जिसमें एंटी‑टेररिज्म कोर्ट के बयान और परिवार के बयानों का उल्लेख है।
- आधिकारिक कोर्ट दस्तावेज़ रावलपिंडी एंटी‑टेररिज्म कोर्ट रजिस्ट्री से प्राप्त किए जा सकते हैं।
- इंग्लैंड‑पाकिस्तान टेस्ट शेड्यूल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की वेबसाइटों पर उपलब्ध है।
मुख्य बिंदु
- प्रतिवादी: इमान माज़ारी (वकील) एवं हादी अली चट्ठा (वकील)
- आरोप: सुरक्षा मार्ग में बाधा, अधिकारियों को बाधित करना, अधिकारियों पर हमला
- सज़ाएँ: प्रत्येक को 10 साल, साथ ही 1 और 2 साल की अतिरिक्त सज़ाएँ, समकालिक
- संबंधित मैच: इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, अंतिम टेस्ट, रावलपिंडी, 25 अक्टूबर 2024 (UTC+5)
- मैच की स्थिति: निर्धारित; फ़ैसले के समय तक कोई परिणाम नहीं बताया गया
- अपील: सुप्रीम कोर्ट में चुनौती की योजना
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मूल स्रोत पढ़ें: Pak jails lawyer couple over security breach during England's cricket tour in 2024
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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