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जयपुर पुलिस की चेतावनी: एआई वीडियो और फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रही ठगी

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· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

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मुख्य बातेंजयपुर में साइबर अपराध शाखा ने सोशल मीडिया के जरिए बढ़ती धोखाधड़ी को लेकर एक चेतावनी जारी की है। ठगों द्वारा फर्जी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, लुभावने कैशबैक ऑफर और सार्वजनिक हस्तियों के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार या हेरफेर किए गए वीडियो का उपयोग करके लोगों को ठगा जा रहा है। साइबर क्राइम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह ने बताया कि जालसाज…
जयपुर पुलिस की चेतावनी: एआई वीडियो और फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रही ठगी

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जयपुर में साइबर अपराध शाखा ने सोशल मीडिया के जरिए बढ़ती धोखाधड़ी को लेकर एक चेतावनी जारी की है। ठगों द्वारा फर्जी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, लुभावने कैशबैक ऑफर और सार्वजनिक हस्तियों के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार या हेरफेर किए गए वीडियो का उपयोग करके लोगों को ठगा जा रहा है। साइबर क्राइम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह ने बताया कि जालसाज धोखाधड़ी वाली योजनाओं को असली दिखाने के लिए प्रमुख सार्वजनिक और राजनीतिक हस्तियों के नाम और तस्वीरों का दुरुपयोग कर रहे हैं। एआई-जनित वीडियो के माध्यम से ऐसा दिखाया जाता है कि जन प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से वित्तीय सहायता की घोषणा कर रहे हैं। ## ठगी के प्रमुख तरीके इस धोखाधड़ी में पीड़ितों को यह कहकर फंसाया जाता है कि वे किसी सरकारी योजना के तहत लाभ के पात्र हैं। इसके बाद उन्हें फोन नंबरों, व्हाट्सएप खातों या वेबसाइटों पर निर्देशित किया जाता है। कई मामलों में पीड़ितों से अंतरराष्ट्रीय नंबरों (विशेषकर +92 देश कोड से शुरू होने वाले) के जरिए संपर्क किया जाता है और पंजीकरण, प्रोसेसिंग, टैक्स या सत्यापन शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। वादा की गई सहायता कभी नहीं मिलती और पीड़ितों पर और अधिक भुगतान के लिए दबाव डाला जाता है। एक अन्य घोटाले में स्क्रैच कार्ड और 'स्पिन-एंड-विन' प्रतियोगिताओं का उपयोग करके कैशबैक पुरस्कारों का वादा किया जाता है। पीड़ितों को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) कलेक्ट अनुरोध स्वीकार करने या अपना यूपीआई पिन दर्ज करने के लिए राजी किया जाता है, जिससे उनके खाते से पैसे धोखाधड़ी करने वालों के खातों में ट्रांसफर हो जाते हैं। पुलिस ने याद दिलाया है कि यूपीआई पिन का उपयोग भुगतान को अधिकृत करने के लिए किया जाता है, न कि पैसे प्राप्त करने के लिए। ## क्या सत्यापित है और क्या अज्ञात यह पुष्टि की गई है कि जयपुर पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एआई वीडियो और फर्जी योजनाओं से जुड़े विज्ञापनों को लेकर एडवायरी जारी की है। हालांकि, इस रिपोर्ट में विशिष्ट घोटालों से प्रभावित कुल पीड़ितों की संख्या, वित्तीय नुकसान के कुल आंकड़े या गिरफ्तारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। ## व्यावहारिक निहितार्थ और बचाव के उपाय पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी और वित्तीय सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। - अपने यूपीआई पिन, वन-टाइम पासवर्ड (OTP), बैंक विवरण, या आधार और पैन की जानकारी किसी भी अनजान कॉलर के साथ साझा न करें। - किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करें। - सार्वजनिक प्रतिनिधियों से जुड़े वीडियो या ऑडियो संदेशों की सत्यता की जांच प्रमाणित स्रोतों से करें। - संदिग्ध विज्ञापनों और खातों की रिपोर्ट सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर करें और सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। - असत्यापित प्रस्तावों को आगे अग्रेषित (forwarding) करने से बचें ताकि अन्य लोग धोखाधड़ी से सुरक्षित रहें। मूल आधिकारिक घोषणा और विस्तृत जानकारी के लिए पाठक 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' पर प्रकाशित मूल समाचार रिपोर्ट (https://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/cops-warns-of-fake-govt-schemes-cashback-scams-using-ai-videos/articleshow/135194475.cms) देख सकते हैं।

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मूल स्रोत पढ़ें: Cops warns of fake govt schemes, cashback scams using AI videos - The Times of India

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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