पर्यावरण

वैश्विक संकटों के बीच प्रकृति संरक्षण जरूरी: कॉप17 से पहले स्टीवन गिलबेल्ट की चेतावनी

· GlobeWire Daily Climate Desk · Source: www.theguardian.com

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मुख्य बातें वैश्विक संकटों और प्रकृति संरक्षण की वास्तविकता वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता समझौते को आगे बढ़ाने में मदद करने वाले नेता स्टीवन गिलबेल्ट ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर के देशों को अन्य वैश्विक संकटों का हवाला देकर प्रकृति संरक्षण के वादों से पीछे नहीं हटना च

वैश्विक संकटों और प्रकृति संरक्षण की वास्तविकता

वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता समझौते को आगे बढ़ाने में मदद करने वाले नेता स्टीवन गिलबेल्ट ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर के देशों को अन्य वैश्विक संकटों का हवाला देकर प्रकृति संरक्षण के वादों से पीछे नहीं हटना चाहिए। आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में शुरू होने वाले जैव विविधता सम्मेलन (कॉप17) से पहले यह बात सामने आई है। उनका कहना है कि युद्ध, चरम मौसम और कड़े वित्तीय दबावों के बीच नेताओं पर यह दबाव है कि वे जैव विविधता को एक "विलासिता" मानकर छोड़ दें, लेकिन यह एक झूठा विकल्प है।

मॉन्ट्रियल समझौते के वादे और वर्तमान स्थिति

लगभग चार साल पहले मॉन्ट्रियल में करीब 200 देशों ने 2030 तक प्रकृति के नुकसान को रोकने और पलटने के लिए एक वैश्विक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दुनिया की 30% भूमि और महासागरों की रक्षा करने तथा प्रकृति के लिए प्रति वर्ष 200 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। साथ ही, प्रकृति को नष्ट करने वाली सब्सिडी (जो वर्तमान में 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है) में से 500 अरब डॉलर को समाप्त करने पर काम करना था। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष विदेशी विकास वित्त में 23% की ऐतिहासिक गिरावट आई है और जैव विविधता से जुड़ा वित्तपोषण भी 17% कम हुआ है।

येरेवान सम्मेलन के लिए तीन मुख्य कदम

लेखक के अनुसार, येरेवान में एकत्रित हो रहे पर्यावरण मंत्रियों को तीन स्पष्ट दिशा-निर्देशों पर काम करना चाहिए:

  • सार्वजनिक वित्त वादों को पूरा करना: मंत्रियों को 2030 तक 30 अरब डॉलर के सार्वजनिक वित्त वादे को पूरा करने के लिए एक समय सारणी और अंतरिम मील का पत्थर तय करना होगा, क्योंकि वे हाल ही में 2025 के 20 अरब डॉलर के लक्ष्य से पीछे रह गए हैं।
  • हानिकारक सब्सिडी पर लगाम: वित्त मंत्रियों को अगले दो वर्षों के भीतर उन सब्सिडी को बंद करने की योजना बनाने के लिए बैठक करनी चाहिए जो आर्थिक सुरक्षा को कमजोर करती हैं।
  • समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के अंतर को पाटना: स्थलीय और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण के बीच के अंतर को पाटने के लिए कार्य योजना तैयार करनी चाहिए। वर्तमान राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुसार 27% स्थलीय भूमि सुरक्षित है, जबकि महासागरों का केवल 12% हिस्सा ही ऐसे सुरक्षा समझौतों के अंतर्गत आता है।

व्यावहारिक निहितार्थ और आगे की राह

यह रिपोर्ट पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि प्रकृति और आर्थिक सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। फ्रांस के किसानों का उदाहरण दिया गया है जो रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैव विविधता पर निर्भर रहकर अत्यधिक सूखे के दौरान भी फसलें बचाने में सफल रहे हैं। ब्राजील में, स्वदेशी अग्नि दलों ने अमेज़न और सेराडो क्षेत्रों में आग की घटनाओं को 20% से अधिक कम किया है।

पुष्टि किए गए तथ्य बनाम अज्ञात: यह सत्यापित है कि 2022 में वैश्विक जैव विविधता समझौता हुआ था और वर्तमान में सार्वजनिक वित्त तथा समुद्री संरक्षण के लक्ष्यों में अंतराल बना हुआ है। हालांकि, कॉप17 के सटीक राजनीतिक परिणामों और व्यक्तिगत देशों के अंतिम निर्णयों के बारे में अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

मूल घोषणा और विस्तृत जानकारी के लिए पाठक [द गार्डियन](https://www.theguardian.com/environment/2026/oct/20/do-not-be-distracted-by-other-global-crises-nature-cannot-wait-for-a-better-year-we-must-act-now) पर मूल आलेख देख सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Do not be distracted by global crises. Nature cannot wait for a better year – we must act now | Steven Guilbeault

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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