ऑーストラリア के मौसम विज्ञान ब्यूरो के तापमान रिकॉर्ड पर फिर उठे सवाल, रिपोर्ट को बताया गया खारिज
· GlobeWire Daily Climate Desk · Source: www.theguardian.com

चित्र: www.theguardian.com — Creative Commons
ऑーストラリア के मौसम विज्ञान ब्यूरो (Bureau of Meteorology) के मुख्य तापमान डेटासेट को लेकर हाल ही में एक नया विवाद सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में एक 'ऑडिट' का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि देश के जलवायु परिवर्तन मापने वाले मुख्य डेटासेट में 'व्यापक त्रुटियां' हैं। हालांकि, मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इन्हें गलतफहमी पर आधारित बताया है।
रिपोर्ट के दावे और पृष्ठभूमि
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक 'फोरेंसिक ऑडिट' के आधार पर यह दावा किया गया कि मौसम ब्यूरो के रिकॉर्ड में खामियां हैं। इस ऑडिट को एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक और एक पूर्व कंप्यूटर इंजीनियर द्वारा तैयार किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि डेटा में मानवीय हस्तक्षेप के संकेत मिले हैं और कुछ रिकॉर्ड गायब या डुप्लीकेट हैं। इसके बाद से यह मुद्दा जलवायु परिवर्तन को लेकर संशय रखने वाले हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
मौसम ब्यूरो (BoM) अपने मौसम स्टेशनों से प्राप्त कच्चे तापमान डेटा को सार्वजनिक करता है। जलवायु परिवर्तन को मापने के लिए ब्यूरो मुख्य रूप से 'ACORN-SAT' (Australian Climate Observations Reference Network – Surface Air Temperature) डेटासेट का उपयोग करता है, जिसमें 112 मौसम स्टेशनों के आंकड़े शामिल हैं। इसमें स्थानीय बदलावों के असर को दूर करने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया अपनाई जाती है।
ब्यूरो की प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण
मौसम ब्यूरो ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि ये दावे कुछ गलतफहमियों पर आधारित हैं और मानवीय हस्तक्षेप के आरोप झूठे हैं।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ऑडिट में उठाए गए डुप्लीकेट डेटा के मामलों की जांच की गई थी। 1910 से पहले के हस्तलिखित रिकॉर्ड, जिन्हें बाद में डिजिटाइज किया गया था, उनमें कुछ महीनों के न्यूनतम तापमान के आंकड़े डुप्लीकेट पाए गए थे। हालांकि, ब्यूरो का कहना है कि इसका असर ऑस्ट्रेलियन लॉन्ग-टर्म तापमान रिकॉर्ड पर नगण्य है और यह सांख्यिकीय रूप से अप्रासंगिक है।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठकों के लिए जानकारी
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- पुष्टि किए गए तथ्य: ब्यूरो ने स्वीकार किया है कि ऐतिहासिक हस्तलिखित डेटा के डिजिटाइजेशन के दौरान कुछ डुप्लीकेट प्रविष्टियां (विशेषकर 1910 से पहले) थीं, लेकिन इनका कुल जलवायु डेटा पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
- अज्ञात या अस्पष्ट तथ्य: ऑडिट रिपोर्ट में उपयोग की गई पूरी कार्यप्रणाली (Methodology) स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है, जिससे स्वतंत्र वैज्ञानिक उसकी वैधता की जांच कर सकें।
- मूल स्रोत की जांच: पाठक आधिकारिक ब्यौरा और मौसम ब्यूरो के स्पष्टीकरण को देखने के लिए 'द गार्डियन' की मूल रिपोर्ट और ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के डेटासेट पूरी तरह से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और इनकी पहले भी स्वतंत्र समीक्षा हो चुकी है।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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