जापान ने मंगल ग्रह के चंद्रमा फोobos से सैंपल लाने के लिए 57.8 करोड़ डॉलर का अंतरिक्ष मिशन किया लॉन्च
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: arstechnica.com

चित्र: arstechnica.com — Creative Commons
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने मंगल ग्रह के सबसे बड़े चंद्रमा 'फोबोस' (Phobos) से मिट्टी और पत्थर के नमूने पृथ्वी पर वापस लाने के लिए 57.8 करोड़ डॉलर के महत्वाकांक्षी एमएमएक्स (MMX) अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह पांच वर्षीय अभियान सौर मंडल के निर्माण के रहस्यों को सुलझाने में मदद कर सकता है।
एमएमएक्स मिशन और लॉन्च विवरण
रोबोटिक 'मार्टियन मूंस एक्सप्लोरेशन' (MMX) अंतरिक्ष यान ने दक्षिणी जापान के तनेगाशिमा स्पेस सेंटर से H3 रॉकेट के जरिए उड़ान भरी। इस मिशन के लिए इस्तेमाल किए गए 207 फीट (63 मीटर) लंबे H3 रॉकेट को चार सॉलिड रॉकेट बूस्टर, फुल-थ्रॉटल मुख्य इंजन और एक विस्तारित पेलोड कफन के साथ उन्नत किया गया था। लॉन्च के लगभग 71 मिनट बाद, लगभग 9,900 पाउंड (4.5 मीट्रिक टन) वजनी अंतरिक्ष यान अपने रॉकेट से अलग हो गया।
JAXA के अध्यक्ष हिरोशी यामाकावा ने इस लॉन्च को सफल घोषित करते हुए कहा कि पांच साल की एक लंबी यात्रा अब शुरू हो चुकी है। मिशन के प्रोजेक्ट मैनेजर यासुहिरो कावाकात्सु के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने ग्राउंड कंट्रोलर्स से संपर्क स्थापित कर लिया है और इसके सोलर पैनल भी खुल गए हैं।
मंगल ग्रह की यात्रा और फोबोस पर लैंडिंग की योजना
मंगल ग्रह तक पहुंचने में इस अंतरिक्ष यान को लगभग 10 महीने लगेंगे। अगले साल अगस्त में मंगल के पास पहुंचने के बाद, MMX लगभग तीन साल तक मंगल के दो चंद्रमाओं—फोबोस और डीमोस—का अध्ययन करेगा।
- रोवर लैंडिंग: 2028 के अंत या 2029 की शुरुआत में, MMX मुख्य अंतरिक्ष यान फ्रांस और जर्मनी द्वारा निर्मित 'इडेफिक्स' (Idefix) नामक एक छोटे चार-पहिए वाले रोवर को फोबोस की सतह पर उतारेगा। यह रोवर कम गुरुत्वाकर्षण के बीच लगभग 100 दिनों तक चलने का प्रयास करेगा।
- सैंपल कलेक्शन: 2029 के अंत में, मुख्य अंतरिक्ष यान फोबोस पर दो बार उतरने की कोशिश करेगा। अंतरिक्ष यान पर लगे रोबोटिक आर्म पर एक कोरिंग ड्रिल और नासा (NASA) द्वारा प्रदान किया गया न्यूमैटिक सैंपलर सतह से कम से कम 10 ग्राम (एक तिहाई औंस) सामग्री एकत्र करेंगे।
- पृथ्वी पर वापसी: सैंपल इकट्ठा करने के बाद अंतरिक्ष यान 2030 में पृथ्वी के लिए रवाना होगा और 2031 में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एक दूरदराज के लैंडिंग क्षेत्र में सैंपल कैप्सूल को पैराशूट के जरिए उतारेगा।
वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और उद्देश्य
वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि फोबोस कोई सामान्य चंद्रमा न होकर एक पकड़ा गया क्षुद्रग्रह (asteroid) हो सकता है, या फिर यह मंगल ग्रह के शुरुआती इतिहास में किसी बड़े टकराव से बचा हुआ मलबा है। इस मिशन के जरिए इन दोनों सिद्धांतों की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना में नासा (NASA) और यूरोप की अंतरिक्ष एजेंसियां भी सहयोग कर रही हैं।
व्यावहारिक निहितार्थ और समीक्षा
- पुष्टि किए गए तथ्य: MMX मिशन को H3 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया है, यह फोबोस से सैंपल लेकर 2031 में पृथ्वी पर लौटने की योजना बना रहा है, और इसमें अमेरिका तथा यूरोपीय एजेंसियों का सहयोग शामिल है।
- अज्ञात पहलू: फोबोस की वास्तविक उत्पत्ति (क्षुद्रग्रह या मंगल ग्रह का मलबा) अभी भी वैज्ञानिक बहस का विषय है, जिसका उत्तर केवल प्रयोगशाला विश्लेषण के बाद ही मिल पाएगा।
- पाठक कैसे सत्यापित करें: पाठक मूल घोषणा और अधिक तकनीकी विवरणों के लिए Ars Technica की आधिकारिक रिपोर्ट ([Ars Technica Report](https://arstechnica.com/space/2026/10/japan-launches-mission-to-bring-home-a-piece-of-the-martian-moon-phobos/)) देख सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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