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बालाघाट: नक्सल प्रभावित 100 गांवों में विकास की नई पहल, प्रशासन सीधे ग्रामीणों से ले रहा फीडबैक

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· GlobeWire Daily Public Services Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

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मुख्य बातें
कभी गरजती थीं बंदूकें, नक्सलवाद का खौफ था...अब बदलने लगी तस्वीर, ठेट देहाती गांवों में दस्तक, घर-घर जाकर टटोल रहे लोगों की जरूरतें

चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

गांवों में विकास की दस्तक

मध्य प्रदेश सरकार ने बालाघाट जिले के 100 नक्सल प्रभावित गांवों के कायाकल्प के लिए एक विशेष मेगा अभियान शुरू किया है। कभी हिंसा की दहशत झेलने वाले इन सुदूर क्षेत्रों में अब बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने की कवायद तेज कर दी गई है।

14 दिनों का विशेष अभियान

29 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसकी कार्यप्रणाली में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • घर-घर सर्वे: विभिन्न विभागों के कर्मचारी सीधे गांवों में पहुंचकर लोगों की बुनियादी जरूरतों का आकलन कर रहे हैं।
  • विकास का खाका: सरकार ने गांवों को चार समूहों में बांटा है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से संबंधित विशिष्ट योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।
  • बुनियादी ढांचा: सड़कों, पुलों, पेयजल, सिंचाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासनिक पहल और मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर, प्रशासनिक अमला सक्रिय है। लंजी और बैहर जैसे क्षेत्रों के एसडीएम और ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर समस्याओं को चिन्हित किया है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने अधिकारियों को 14 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का लक्ष्य न केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना है, बल्कि युवाओं और आदिवासी समुदायों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

अधिक जानकारी कैसे प्राप्त करें

इस सरकारी अभियान की प्रगति और इससे जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए नागरिक बालाघाट जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट या मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।

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मूल स्रोत पढ़ें: कभी गरजती थीं बंदूकें, नक्सलवाद का खौफ था...अब बदलने लगी तस्वीर, ठेट देहाती गांवों में दस्तक, घर-घर जाकर टटोल रहे लोगों की जरूरतें - Navbharat Times

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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