नासा के उपग्रह से पत्तों के रंग बदलने की प्रक्रिया पर नजर, वैज्ञानिक कर रहे हैं अध्ययन
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: science.nasa.gov

चित्र: science.nasa.gov — Creative Commons
अंतरिक्ष से पत्तों के रंगों की ट्रैकिंग
जापानी परंपरा 'मोमिजिगारी' यानी लाल पत्तों को देखने की सदियों पुरानी संस्कृति और उत्तरी अमेरिका में शरद ऋतु के दौरान पत्तियों के रंगों का आनंद लेने की परंपरा अब आधुनिक तकनीक से जुड़ गई है। नासा के 'पेस' (PACE - Plankton, Aerosol, Cloud, ocean Ecosystem) उपग्रह पर मौजूद हाइपरस्पेक्ट्रल ओशन कलर इंस्ट्रूमेंट (OCI) के जरिए वैज्ञानिक अब वैश्विक स्तर पर पौधों के पिगमेंट में होने वाले सूक्ष्म बदलावों को ट्रैक कर रहे हैं। यह उपग्रह पृथ्वी के महासागरों और वनस्पति का प्रतिदिन 286 स्पेक्ट्रल बैंड पर अवलोकन करता है।
वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और तकनीक
शरद ऋतु में तापमान घटने और दिन छोटे होने पर पौधे 'क्लोरोफिल' (हरा पिगमेंट) का संश्लेषण कम कर देते हैं, जिससे हरे रंग फीके पड़ने लगते हैं और कैरोटीनॉयड (पीले और नारंगी) तथा एंथोसाइनिन (लाल) पिगमेंट उभर कर सामने आते हैं। नासा का पेस उपग्रह दुनिया का पहला ऐसा उपग्रह है जो हर एक-दो दिन में पूरी पृथ्वी पर एक साथ क्लोरोफिल, कैरोटीनॉयड और एंथोसाइनिन—इन तीनों प्रमुख पत्तियों के पिगमेंट को मापने की क्षमता रखता है।
मैरीलैंड यूनिवर्सिटी बाल्टीमोर काउंटी के वनस्पति वैज्ञानिक और पेस विज्ञान टीम के सदस्य कार्ल हुएम्मरिच के अनुसार, पृथ्वी पर हर जगह एंथोसाइनिन और कैरोटीनॉयड का समय-श्रृंखला (टाइम-सीरीज़) डेटा लगातार एकत्र करना एक क्रांतिकारी कदम है।
व्यावहारिक निहितार्थ और क्या सत्यापित है
वैज्ञानिक इस डेटा का उपयोग यह समझने के लिए कर रहे हैं कि वसंत और शरद ऋतु के समय में कैसे बदलाव आ रहा है, यह वैश्विक कार्बन चक्र को कैसे प्रभावित करता है, और जंगल की आग के जोखिम का इससे क्या संबंध है। इसके अलावा, शोधकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यह उपग्रह सूखा, कीटों के हमलों और पौधों की बीमारियों के शुरुआती चेतावनी संकेतों का पता लगा सकता है।
नासा की डेटा वैज्ञानिक स्काई कैपलन 'ग्लोबल लर्निंग एंड ऑब्जर्वेशन टू बेनिफिट द एनवायरनमेंट' (GLOBE) कार्यक्रम के तहत उत्तरी अमेरिकी फेनोलॉजी अभियान के हिस्से के रूप में साप्ताहिक पर्णसमूह (फोलिएज) मानचित्र पोस्ट कर रही हैं।
पाठक क्या सत्यापित कर सकते हैं और अनिश्चितताएं
हालांकि उपग्रह व्यापक नक्ша तैयार करता है, लेकिन सभी पीले और लाल रंग केवल शरद ऋतु के कारण नहीं होते। कृषि क्षेत्रों में फसलें पकने या कटने के बाद भी उच्च एंथोसाइनिन स्तर दिखा सकती हैं, और कुछ क्षेत्रों में बादलों के कारण वनस्पति डेटा में अंतराल आ सकता है।
नासा की टीम ने नागरिकों से अपील की है कि वे उपग्रह के डेटा को 'ग्राउंड ट्रूथ' करने और विभिन्न कारकों के प्रभावों को समझने में मदद के लिए ज़मीन से अपने इलाकों की तस्वीरें साझा करें।
मूल आधिकारिक घोषणा और विवरण के लिए पाठक [नासा अर्थ ऑब्जर्वेटरी](https://science.nasa.gov/earth/earth-observatory/hunting-red-leaves-with-satellites/) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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