वैज्ञानिकों ने 1600 साल पुराने लाइकरगस कप की प्राचीन कांच बनाने की कला और रहस्यों को फिर से किया जीवित
· GlobeWire Daily Science Desk · Source: arstechnica.com

चित्र: arstechnica.com — Creative Commons
लगभग 400 ईस्वी पूर्व का 'लाइकरगस कप' (Lycurgus Cup) दुनिया की प्राचीन कला और विज्ञान का एक अनूठा उदाहरण माना जाता है। यह कांच का कटोरा अपनी डाइक्रोइ डाइक्रोइक (dichroic) यानी रंग बदलने वाली खूबी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। जब इस कप को सामने से रोशनी दी जाती है, तो यह हरे रंग का दिखाई देता है, और जब इसे पीछे से रोशनी दी जाती है, तो इसका रंग बदलकर गहरा लाल हो जाता है। अब, यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफ़ील्ड (University of Sheffield) के वैज्ञानिकों ने इस प्राचीन और रहस्यमयी कांच को बनाने की मूल रेसिपी को दोबारा तैयार करने में सफलता हासिल कर ली है, जिससे इस तकनीक पर आधारित एक आधुनिक मूर्तिकला भी बनाई गई है।
1600 साल पुराना रहस्य और नैनोपार्टिकल्स की भूमिका
लाइकरगस कप दुनिया के सात प्राचीन कांच के चमत्कारों में गिना जाता है, और यह दुनिया में बचे हुए केवल 40 कांच के केज कप (cage cups) में से एक है। साल 2007 से पहले इस बात का कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं था कि इस कप में रंग बदलने का यह अद्भुत प्रभाव क्यों होता है। वैज्ञानिकों ने तब पता लगाया था कि कांच के अंदर सोने और चांदी के बहुत बारीक कण (नैनोपार्टिकल्स) मौजूद हैं, जिन्हें रोमन कारीगरों ने पिघलाते समय मिलाया था। इन नैनोपार्टिकल्स की वजह से प्रकाश के प्रति इलेक्ट्रॉनों के कंपन का तरीका बदल जाता है, जिससे देखने वाले के दृष्टिकोण के आधार पर रंग बदलता हुआ प्रतीत होता है।
रोमन कारीगरों ने सिलिकॉन (बालू) को पिघलाते समय नमक का इस्तेमाल किया था, जिसमें सोने के परमाणु मौजूद थे। पिघलने की प्रक्रिया के दौरान ये परमाणु मिलकर नैनोपार्टिकल्स बनाते हैं, जो अंततः रंग पैदा करते हैं। हालांकि, आधुनिक शोधकर्ताओं के लिए इस सटीक प्राचीन रेसिपी को दोहराना एक बड़ी चुनौती रहा है।
शेफ़ील्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की सफलता
यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफ़ील्ड की शोधकर्ता लिसा हॉलैंड्स (Lisa Hollands) और प्राचीन रोमन कांच की विशेषज्ञ कैरोलाइन जैक्सन (Caroline Jackson) ने मिलकर इस रेसिपी को फिर से तैयार करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की भट्टियों, सामग्रियों, ऑक्सीजन के स्तर और यहाँ तक कि मिश्रण में चीनी का उपयोग करके कई प्रयोग किए। लिसा हॉलैंड्स, जो 25 वर्षों से अधिक समय से कांच के साथ काम कर रही हैं, ने बताया कि इस तरह के कांच का निर्माण करना बेहद जटिल कार्य था। आखिरकार, उनके प्रयोग रंग लाए और उन्होंने ऐसा कांच तैयार कर लिया जो परावर्तित प्रकाश में हरा और पीछे से रोशनी देने पर लाल रंग का दिखाई देता है।
आधुनिक मूर्तिकला और प्रदर्शनी
वैज्ञानिकों की इस सफलता के बाद, यूके के प्रसिद्ध कांच कलाकार एलियट वॉकर (Elliott Walker) को एक समकालीन मूर्तिकला बनाने के लिए नियुक्त किया गया। इस कलाकृति को लाइकरगस कप की मूल कहानी और प्राचीन कला के सम्मान में तैयार किया गया है।
व्यावहारिक निहितार्थ और पाठक कैसे जांच कर सकते हैं
पाठकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह शोध केवल ऐतिहासिक जिज्ञासा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सस्टेनेबल तकनीकों के लिए प्रकाश का उपयोग करने वाले नए मटेरियल डिजाइन करने से जुड़े एक व्यापक यूके प्रोजेक्ट (Molecular Photonic Breadboards) का हिस्सा है।
- पुष्टि किए गए तथ्य: वैज्ञानिकों ने सोने और चांदी के नैनोपार्टिकल्स का उपयोग करके लाइकरगस कप जैसे रंग बदलने वाले कांच के निर्माण की रेसिपी को दोहरा लिया है।
- अज्ञात या भविष्य के पहलू: यह तकनीक व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर कब और कैसे उपयोगी होगी, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
- मूल स्रोत की जाँच: पाठक इस खोज और कलाकृति के बारे में अधिक जानकारी और आधिकारिक विवरण के लिए 'Ars Technica' पर प्रकाशित मूल रिपोर्ट (https://arstechnica.com/science/2026/10/scientists-recreate-the-1600-year-old-recipe-of-lycurgus-cup/) को देख सकते हैं। जनता इस आधुनिक मूर्तिकला को अगले महीने यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफ़ील्ड के 'Festival of the Mind' के दौरान मिलेनियम गैलरी में देख सकेगी।
AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें
GlobeWire Daily पर चर्चित खबरें
हालिया खबरों और संबंधित विषयों पर आधारित चयन; लाइव सर्च रैंकिंग नहीं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय स्टेनो और असिस्टेंट भर्ती 2026: 418 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग ने निकाली उप-सर्वेक्षक के 1145 पदों पर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू
कम्युनिटी और सोशल सर्विसेज सेक्टर में उपलब्ध रोजगार के अवसर: पूरी जानकारी
सप्ताहांत में शराब पीना ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम नहीं करता: वैज्ञानिक तथ्यों की पड़ताल
샤이엔, 와이오밍의 커뮤니티 및 사회 복지 분야 채용 정보 개요
कर्नाटक स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती 2026 की ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि बढ़ा दी: 15,000 पदों के लिए 16 नवंबर तक


