सैन्य वाहन और टेक्नोलॉजी

भारतीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: 40,000 करोड़ रुपये में नौसेना के लिए बनेंगे 8 नए युद्धपोत

विज्ञापन
GlobeWire Daily पर विज्ञापन दें

· GlobeWire Daily Editorial Desk · Source: www.amarujala.com

2 मिनट में पढ़ें

मुख्य बातें
केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी, नौसेना को मिलेंगे 8 नए युद्धपोत

चित्र: Amar Ujala · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

नौसेना की मारक क्षमता में विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने आठ 'नेक्स्ट-जेनरेशन कार्वेट' (NGC) के निर्माण की 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह पहल भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

युद्धपोतों की तकनीकी विशेषताएँ

रिपोर्टों के अनुसार, ये नए युद्धपोत अपनी फुर्ती और आधुनिक तकनीक के लिए जाने जाएंगे। इनकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • वजन: लगभग 2,000 टन।
  • गति: अधिकतम गति लगभग 30 नॉटिकल माइल (समुद्री मील) तक।
  • उपयोगिता: ये जहाज निगरानी, एस्कॉर्ट मिशन, सामरिक प्रतिरोध, सर्फेस एक्शन ग्रुप संचालन और तटीय सुरक्षा जैसे विविध कार्यों में सक्षम होंगे।

निर्माण और अनुबंध की स्थिति

इन आठ युद्धपोतों के निर्माण का अनुबंध गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ जल्द ही हस्ताक्षरित किया जाएगा। अनुमान के अनुसार, पहला युद्धपोत वर्ष 2030 तक भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो सकता है।

आधिकारिक जानकारी की पुष्टि

इस परियोजना से संबंधित विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक विज्ञप्तियों का अवलोकन किया जा सकता है। सरकार समय-समय पर रक्षा खरीद और सीसीएस की बैठकों के निर्णयों को सार्वजनिक करती है।

यह खबर शेयर करें
मूल स्रोत पढ़ें: केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी, नौसेना को मिलेंगे 8 नए युद्धपोत

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लेखक के बारे में

GlobeWire Daily Editorial Desk — प्रकाशित स्रोतों पर आधारित AI-सहायता प्राप्त खबरें।

और पढ़ें