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सब-सहारा अफ्रीका में ग्रिड से परे स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार: गूगल और इग्नाइट एनर्जी एक्सेस की नई पहल

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सब-सहारा अफ्रीका में ग्रिड से परे स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार: गूगल और इग्नाइट एनर्जी एक्सेस की नई पहल — featured illustration or credited source image

चित्र: blog.google — Creative Commons

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मुख्य बातेंउप-सहारा अफ्रीका में लाखों लोगों तक बिजली पहुंचाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए गूगल ने 'इग्नाइट एनर्जी एक्सेस' (Ignite Energy Access) के साथ अपनी साझेदारी के परिणाम साझा किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सहयोग के माध्यम से वर्ष 2026 की पहली छमाही में अनुम

उप-सहारा अफ्रीका में लाखों लोगों तक बिजली पहुंचाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए गूगल ने 'इग्नाइट एनर्जी एक्सेस' (Ignite Energy Access) के साथ अपनी साझेदारी के परिणाम साझा किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सहयोग के माध्यम से वर्ष 2026 की पहली छमाही में अनुमानित रूप से 160,000 टन से अधिक (160 kT CO2e) कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है।

सब-सहारा अफ्रीका क्षेत्र में लगभग 60 करोड़ से अधिक लोग बिना बिजली के जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो बुनियादी रोशनी और दैनिक कार्यों के लिए महंगे और हानिकारक ईंधन स्रोतों जैसे कि केरोसीन और मोमबत्तियों पर निर्भर रहते हैं।

तकनीकी समाधान और लॉजिस्टिक चुनौतियाँ

बिना औपचारिक पते वाले दूर-दराज के ग्रामीण घरों का पता लगाना, दुर्गम इलाकों में सौर हार्डवेयर पहुंचाना और उपग्रह चित्रों की सीमाओं के बावजूद दूर से ही सौर स्थापनाओं की पहचान करना इस क्षेत्र में मुख्य बाधाएं थीं। गूगल ने अपने 'स्टार्टअप्स फॉर डेवलपमेंट' कार्यक्रम के तहत पिछले तीन वर्षों में इग्नाइट एनर्जी एक्सेस के साथ मिलकर इन लॉजिस्टिक समस्याओं के समाधान विकसित किए हैं।

इस साझेदारी के तहत निम्नलिखित तकनीकी कदम उठाए गए हैं:

  • स्मार्ट मैपिंग और रूटिंग: गूगल के ओपन बिल्डिंग्स डेटासेट और उपग्रह चित्रों का उपयोग करके उन ग्रामीण घरों की पहचान की गई जो पारंपरिक मानचित्रों में नहीं आते हैं।
  • सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन: गूगल के ऑपरेशंस रिसर्च (OR) मॉडल ने डिलीवरी रूट, वाहन की क्षमता और इन्वेंट्री लागत को संतुलित करते हुए केंद्रीय गोदामों और स्थानीय मिनी-हब के स्थानों को तय करने में मदद की है।
  • कंप्यूटर विजन मॉडल: अंतरिक्ष से एकल रूफटॉप पैनलों की पहचान करने के लिए 'जेमिनी फॉर साइंसेज' पर आधारित कंप्यूटर विजन मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें इग्नाइट द्वारा प्रदान किए गए ड्रोन इमेजरी के साथ प्रशिक्षित किया गया है।

स्वच्छ इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर अगला कदम

इस साझेदारी का अगला चरण स्वच्छ इलेक्ट्रिक कुकिंग पर केंद्रित है। ग्रामीण परिवार अभी भी भोजन पकाने के लिए लकड़ी और चारकोल पर निर्भर हैं, जिससे घर के अंदर धुआं होता है। चूंकि आधुनिक इलेक्ट्रिक चूल्हों को सामान्य रूफटॉप सोलर किट की तुलना में अधिक बिजली की आवश्यकता होती है, इसलिए यह परियोजना सामुदायिक स्तर के माइक्रो-ग्रिड तैयार करने के लिए मॉडलिंग कर रही है।

व्यावहारिक निहितार्थ और अनिश्चितताएं

पुष्टि किए गए तथ्य:

  • गूगल और इग्नाइट एनर्जी एक्सेस की साझेदारी से 2026 की पहली छमाही में 160 kT CO2e से अधिक का अनुमानित उत्सर्जन कम हुआ है।
  • यह आकलन 2023 से जुलाई 2026 के बीच बेचे गए 3.7 मिलियन सौर उपकरणों और UNFCCC की पद्धति पर आधारित है।
  • यह सहयोग उप-सहारा अफ्रीका में ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा और स्वच्छ कुकिंग समाधानों का विस्तार कर रहा है।

ज्ञात अनिश्चितताएं:

  • उत्सर्जन में कमी के अनुमानों में प्राथमिक डेटा की कमी और वास्तविक दुनिया के प्रभावों से जुड़ी अंतर्निहित अनिश्चितताएं शामिल हैं।
  • गूगल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि ये आंकड़े और दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

पाठक आधिकारिक जानकारी की पुष्टि कैसे कर सकते हैं: पाठक गूगल की आधिकारिक घोषणा और संपूर्ण विवरण के लिए [गूगल के आधिकारिक ब्लॉग](https://blog.google/company-news/outreach-and-initiatives/sustainability/sub-saharan-africa-ignite/) पर जा सकते हैं।

मूल स्रोत पढ़ें: Powering sub-Saharan Africa beyond the grid

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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